आनंद दत्त/किसलय शानू
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की ओर से आयोजित पोस्ट ग्रैजुएट टीचर एग्जामिनेशन 2023 की परीक्षा में भी बड़े पैमाने पर धांधली की गई थी. इसका लाभ खुद अभय तिवारी ने भी उठाया था. सीआईडी के समक्ष अपने कबूलनामे में उसने बताया, मैंने अजय संग्राम नाम के संपर्क में आया. उसके जरिये सेटिंग कराई और पीजीटी-इंग्लिश की परीक्षा पास कर गया. इसके बाद मेरी पोस्टिंग देवघर जिले में हुई थी. इसके अलावा कॉमर्स विषय में सुनील कुमार सेटिंग से नौकरी हासिल की है.
बता दें, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित पोस्ट ग्रेजुएट ट्रेंड टीचर कॉम्पिटिटिव एग्जामिनेशन (PGTTCE) 2023 के तहत 3,120 पदों पर पीजी शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई है. यह परीक्षा 18 अगस्त से 10 सितंबर 2023 तक कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में आयोजित हुई थी. जिसके पहला परिणाम 22 दिसंबर 2023 को जारी हुआ था. जिसमें चार फिजिक्स, कैमेस्ट्री बायो और ज्योग्राफी विषयों के परिणाम आए थे. इन्हीं चार विषयों का मुख्य परिणाम यानी मेरिट लिस्ट 1 मार्च 2024 को घोषित किए गए थे. 4 मार्च को ही इनको ज्वाइन करा दिया गया.
उसने आगे बताया है कि इस परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्र पहले से सेट था, जहां सॉफ्टवेयर हैक कर के अभ्यर्थियों को सफल कराया जाता था. जिन परीक्षा केंद्रों पर सॉफ्टवेयर हैक किए गए, उसमें भव्या रांची, सरला-बिड़ला के पास संस्कार आईटी, बूटी मोड़ से बाएं तरफ वाला परीक्षा केंद्र के अलावा बोकारो के दोनों परीक्षा केंद्र शामिल हैं.
बूटी मोड़ वाले परीक्षा केंद्र का मालिक अजय संग्राम था. वो लोग पहले से फोन कर के बता देता था कि परीक्षा केंद्र पर आने से पहले कौन से रंग का कपड़ा पहनना है और केंद्र पर आने के बाद किस लाइन में खड़ा होना है. सेटिंग वाले अभ्यर्थियों को उस कंप्यूटर पर बिठाया जाता था, जिसका रिमोट एक्सेस दूसरे कमरे के कंप्यूटर में ले लिया जाता था. दूसरे कमरे में पहले से उपस्थित सॉल्वर से प्रश्न पत्र हल कराया जाता था. जबकि सेटिंग वाला अभ्यर्थी अपने कंप्यूटर का केवल माउस घुमाते रहता था.

पीजीटी एग्जाम में छात्रों से पैसे लेकर उन्हें पास करवाने के लिए बहुत सारे एजेंट्स से संपर्क किया. सभी के नाम तो याद नहीं हैं, लेकिन कुछ के याद हैं. इसमें पटना का इमरान और अली, गिरिडीह के राजेश, बोकारो का शंकर जो कि अजय संग्राम का करीबी है और मनोज, हजारीबाग के सुनील कुमार का नाम याद है.
मैं अजय संग्राम के संपर्क में लगातार रहता था. अजय संग्राम ने ही कुल चार परीक्षा केंद्रों को मैनेज किया था.
डिबार के बाद भी मांगा गया डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन लिस्ट
मिली जानकारी के मुताबिक इसी परीक्षा के पेपर लीक मामले को लेकर 29 जनवरी 2024 को नामकुम थाने में जेएसएससी की ओर से भारतीय दंड संहिता की धारा 467/468/420/120(B), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 तथा झारखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों के नियंत्रण एवं रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2023 की धारा 12 के तहत मामला दर्ज किया गया था. इसके बाद पुलिस ने 12 फरवरी 2024 को इसी मामले में जेएसएससी ने चेन्नई की सत्वत इन्फोसोल प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी को, जिसने यह परीक्षा कंडक्ट कराया था, समन भेजा था. इसी कंपनी ने लैब अस्टिटेंट, म्युनिसिपल, पीजीटी, 2023 में आयोजित किया था.

इसके अलावा जेएसएससीजीएल जनवरी 2024 परीक्षा को भी इसी कंपनी ने कंडक्ट कराया था. पेपर लीक के बाद इसकी परीक्षा रद्द कर दी गई थी.
परीक्षार्थी श्वेता प्रधान के मुताबिक शिवा इंफोटेक रांची, श्रेया डिजिटल बोकारो, आर आर टेक्नोलॉजी बोकारो, फ्यूचर ब्राइट रांची, धनबाद डिजिटल और तीस्ता टेक्नोलॉजी बोकारो से कुल 90 प्रतिशत प्रतिभागी पास कर गए थे.
श्वेता प्रधान डॉक्यूमेंट्स के हवाले से बताती हैं, 12 फरवरी 2024 को इन्फोसोल को डिबार कर दिया गया. लेकिन इसी कंपनी से जेएसएससी के द्वारा ही 16 फरवरी को पीजीटी का डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन लिस्ट मांगा गया. डिबार के खिलाफ कंपनी कोर्ट चली गई. जिसके बाद 25 अप्रैल को कोर्ट ने भी डीबार पर मुहर लगा दी थी.


