JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा छात्र आंदोलन रविवार, 16 अगस्त को 23वें दिन में प्रवेश कर गया. आंदोलन के बीच JPSC-JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच के तहत चार और छात्र भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं. इनमें राजबल प्रसाद, उदय मेहता, राजीव कुमार कुशवाहा और उदय मंडल शामिल हैं.
चार छात्रों के नए सिरे से अनशन पर बैठने से आंदोलनकारियों का सरकार पर दबाव और बढ़ गया है. छात्र भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच, विवादित परीक्षाओं को रद्द करने और JPSC-JSSC की परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. आंदोलनकारी CBI जांच की मांग भी लगातार उठा रहे हैं.
14 दिन से भूख हड़ताल पर देवेंद्र महतो
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो पहले से ही भूख हड़ताल पर हैं. आंदोलनकारियों के मुताबिक, वह 14 दिनों से अनशन पर हैं और तबीयत बिगड़ने के बाद रांची के सदर अस्पताल में भर्ती हैं. 15 अगस्त को महतो ने अस्पताल से तिरंगा यात्रा में शामिल होने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें बाहर जाने से रोक दिया. इस दौरान धक्का-मुक्की में सीने में चोट लगने का आरोप उन्होंने लगाया है. पुलिस की ओर से उन्हें रोकने के पीछे उनकी गंभीर स्वास्थ्य स्थिति और चिकित्सकीय सलाह का हवाला दिया गया.
आंदोलन की आगे की रणनीति पर भी ऐलान
आंदोलनकारी छात्रों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान किया है. इससे पहले 16 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले दहन की घोषणा की गई थी. छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा.
वहीं, सरकार की ओर से भर्ती परीक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया गया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए कई सुधारों की बात कही. इसके बावजूद छात्रों और सरकार के बीच प्रमुख मांगों को लेकर गतिरोध बना हुआ है.


