Joharlive Desk : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समृद्धि यात्रा के दौरान सुपौल में जनसभा को संबोधित करते हुए अगले पांच साल का विजन सामने रखा। उन्होंने कहा कि 2025 से 2030 तक के लिए विकास का रोडमैप तैयार किया जा चुका है और अब उसी दिशा में तेजी से काम किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा, युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार दिया जाएगा और महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए विशेष योजनाएं चलाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि अगले पांच सालों में बिहार की अर्थव्यवस्था को और मजबूत किया जाए और लोगों की आय बढ़ाई जाए।
सात बिंदुओं में बताया विकास का रोडमैप
सीएम नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में सात प्रमुख बिंदुओं के जरिए सरकार की योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में रोजगार के अवसरों को दोगुना करने और प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि एक करोड़ युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाए और महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए उन्हें दो-दो लाख रुपये तक की सहायता दी जाए। उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए हर जिले में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं। साथ ही जो पुरानी चीनी मिलें बंद हो चुकी हैं, उन्हें फिर से चालू करने की दिशा में भी काम किया जाएगा ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ सकें।
कृषि और पशुपालन को भी मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की अर्थव्यवस्था में कृषि की अहम भूमिका है। इसी को ध्यान में रखते हुए कृषि क्षेत्र में और तेजी से काम किया जाएगा। इसके लिए नए बिहार विपणन प्रोत्साहक निगम की स्थापना की गई है। उन्होंने बताया कि मखाना उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है, साथ ही डेयरी और मछली पालन को भी प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि किसानों और ग्रामीणों की आमदनी बढ़ सके।
शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर
नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए हर प्रखंड में आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेज खोले जा रहे हैं। इसके अलावा एक बड़े एजुकेशन सिटी का निर्माण भी कराया जा रहा है, जिससे छात्रों को बेहतर शिक्षा सुविधाएं मिल सकें। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए जिला और प्रखंड स्तर के अस्पतालों को आधुनिक चिकित्सा केंद्र बनाया जाएगा। साथ ही प्रतिष्ठित निजी अस्पतालों को राज्य में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने की नीति लाई जाएगी ताकि मरीजों को सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज मिल सके।
सड़क, एक्सप्रेसवे और सोलर पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधारभूत संरचना को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। आने वाले समय में पांच नए एक्सप्रेसवे बनाए जाएंगे और ग्रामीण सड़कों को दो लेन में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही लोगों को अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा और पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं चलाई जाएंगी।
लालू-राबड़ी शासनकाल पर साधा निशाना
अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के शासनकाल पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि 2005 से पहले राज्य की स्थिति काफी खराब थी। नीतीश कुमार ने कहा कि उस समय लोग शाम के बाद घर से बाहर निकलने से डरते थे। समाज में झगड़े ज्यादा होते थे और पढ़ाई-लिखाई की हालत भी ठीक नहीं थी। स्वास्थ्य सुविधाएं और सड़कें भी बहुत कम थीं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले वर्षों में इन सभी क्षेत्रों में काम किया है और अब बिहार में डर का माहौल नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आगे भी विकास की इसी रफ्तार को जारी रखेगी और राज्य को और आगे ले जाने का काम करेगी।
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