Mumbai: नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज की बीपीओ यूनिट में सामने आए कथित यौन उत्पीड़न, जबरन धर्मांतरण और धार्मिक उत्पीड़न के मामले में मुख्य आरोपी निदा खान को नासिक सेशन कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें फिलहाल किसी भी प्रकार की अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है। सुनवाई के दौरान निदा खान के वकीलों ने अग्रिम जमानत के साथ-साथ गिरफ्तारी से सुरक्षा की मांग वाली एक अर्जी भी पेश की थी।
हालांकि, शिकायतकर्ता पक्ष के वकील ने इस पर अपना लिखित जवाब दाखिल करने के लिए कोर्ट से समय मांगा, जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल के लिए मुकर्रर कर दी है। अब उसी दिन अग्रिम जमानत और अंतरिम राहत की अर्जी पर एक साथ सुनवाई की जाएगी। यह मामला नासिक की बीपीओ यूनिट में युवा महिला कर्मचारियों के साथ कथित यौन शोषण और धार्मिक उत्पीड़न से जुड़ा है। पुलिस अब तक इस मामले में 9 एफआईआर दर्ज कर चुकी है, जिनमें यौन उत्पीड़न, नमाज पढ़ने के लिए दबाव बनाने, गैर-शाकाहारी भोजन करने के लिए मजबूर करने और हिंदू धर्म के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
इस मामले की जांच पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम कर रही है और अब तक एक महिला एचआर हेड समेत कुल 7 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस निदा खान को इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड मान रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। टीसीएस ने इस पूरे घटनाक्रम पर स्पष्ट किया है कि निदा खान एचआर मैनेजर नहीं थीं, बल्कि वे ‘प्रोसेस एसोसिएट’ के तौर पर काम करती थीं। कंपनी ने नामजद कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है और एक स्वतंत्र आंतरिक जांच शुरू की है।
दूसरी ओर, निदा खान के परिवार ने सभी दावों को खारिज करते हुए इसे एक साजिश बताया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे अत्यंत गंभीर करार दिया है। इस मामले में अब एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड भी जांच में जुटी है, जबकि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
अब 27 अप्रैल को होने वाली सुनवाई इस मामले की दिशा तय करेगी, क्योंकि यदि कोर्ट निदा खान को अग्रिम जमानत देता है, तो उन्हें जांच में शामिल होने का अवसर मिलेगा, अन्यथा पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई और तेज कर सकती है।
Also Read: इस्लामाबाद में लॉकडाउन : अमेरिका-ईरान की ‘बड़ी बातचीत’ की चर्चा के बीच पाकिस्तान में हाई अलर्ट!


