Johar Live Desk : राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने ओडिशा के राउरकेला जिले में नक्सलियों द्वारा लगभग 4,000 किलोग्राम विस्फोटक लूटने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 आरोपित माओवादियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। इन आरोपियों में झारखंड के कई कुख्यात और इनामी नक्सली भी शामिल हैं।
क्या है पूरा मामला
यह विस्फोटक 27 मई 2025 को इतमा़ एक्सप्लोसिव स्टेशन से बांको स्टोन क्वारी ले जाया जा रहा था। तभी लगभग 10–15 सशस्त्र CPI (माओवादी) सदस्यों ने ट्रक को रोककर चालक को बंधक बना लिया और ट्रक को अपने प्रभाव क्षेत्र की ओर ले जाने लगे। करीब 200 पैकेटों में भरा यह विस्फोटक सारंडा जंगल तक पहुंचाने की योजना थी। NIA की जांच में सामने आया कि इन विस्फोटकों का उपयोग सुरक्षा बलों के खिलाफ बड़ा आतंकी हमला करने के लिए किया जाना था। एजेंसी ने इसे देश की आंतरिक सुरक्षा अस्थिर करने की बड़ी साजिश बताया है।
जांच और बरामदगी
जून 2025 में मामला अपने हाथ में लेने के बाद NIA ने पाया कि यह लूट एक सुनियोजित ऑपरेशन था। बाद में ओडिशा और झारखंड पुलिस, CRPF, COBRA और SOG की संयुक्त कार्रवाई में सारंडा जंगलों और ओडिशा के सुंदरगढ़ में अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान सारंडा में बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद किए गए, जबकि सुंदरगढ़ के कोइडा जंगल से भी लगभग 2.5 टन विस्फोटक जब्त किए गए।
चार्जशीट में शामिल 11 नक्सलियों के नाम
चार्जशीट में जिन माओवादियों के नाम शामिल हैं, वे हैं – जरजा मुंडा उर्फ कुलु मुंडा, अनमोल उर्फ सुषांत हेम्ब्रम, रमेश उर्फ अनल दा, पिंटू लोहरा उर्फ टाइगर, लालजीत उर्फ लालू, शिवा बोडरा, अमित मुंडा, रवि सिंह, राजेश मानसीद, सोहन पूणेम और अप्टन हांसदा।
सारंडा तक नहीं पहुंच पाया विस्फोटक
NIA ने बताया कि सुरक्षा बलों की आक्रामक कार्रवाई के कारण नक्सली सारंडा के सीमित इलाके में घिरे हुए हैं और हथियार–बारूद की भारी कमी झेल रहे हैं। इसी कमी को पूरा करने के लिए यह बड़ी लूट की गई थी, लेकिन पुलिस और सुरक्षा बलों की तत्परता से लगभग सभी विस्फोटक बरामद कर लिए गए।
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