आनंद दत्त/किसलय शानू
जेपीएससी द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं में धांधली की जांच में सीआइडी को पैसा वसूली से संबंधित नए तथ्य मिले हैं. सीआइडी को आरंभिक जांच के क्रम में पता चला है कि जेपीएससी के द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं को पास कराने के एवज में छात्रों से करीब 15 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है.
जांच पूरी होने पर यह रकम काफी बढ़ सकती है. 15 करोड़ रुपए वसूली की जानकारी सीआईडी को गिरफ्तार आरोपियों के बयान, पूछताछ में आए तथ्य और छापेमारी के दौरान बरामद दस्तावेज के आधार पर मिले हैं.
जांच के दौरान मनी ट्रेल के बारे पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है. जिन लोगों ने पैसे दिये हैं, उनके बयान के आधार पर भी पूरे मामले का आगे सत्यापन किया जायेगा. इसके अलावा मनी ट्रेल से संबंधित साक्ष्य एकत्र करने के लिए मामले में सीआईडी बैंक से भी आगे पत्राचार कर जानकारी हासिल करने जा रही है.
सीआईडी को इन परीक्षाओं में छात्रों से वसूली की मिली जानकारी
सीआईडी को अब तक जांच के क्रम में जेपीएससी द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं में करीब 400 लोगों की नियुक्ति सेटिंग या अवैध तरीके से होने की जानकारी मिली है.
इसमें एसीएफ, एफआरओ में 100 परीक्षार्थी, 14वीं जेपीएससी में 100, जेपीएससी बैकलॉग में 100 के अलावा 11-13वीं जेपीएससी सहित अन्य परीक्षाओं में लगभग 400 लोगों को नकल करके करीब 400 लोगों को पास कराया गया.
जेपीएससी-14 पीटी के लिए 100 करोड़ रुपए वसूलने की योजना की बात बुद्धेश्वर पहले ही बता चुका है. हालांकि सीआईडी के द्वारा जो बयान दर्ज किया गया है, उसमें 11 लोगों से 1.10 करोड़ रुपए वसूले जा चुके थे.
इसी तरह के एफआरओ के लिए 20 से 25 लाख और एसीएफ के लिए 30 से 35 लाख रुपए प्रत्येक अभ्यर्थियों से लिया गया था. अभय के द्वारा एफआरओ परीक्षा के लिए 12 और एसीएफ परीक्षा के लिए कुल 8 अभ्यर्थियों का रोल नंबर टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह को दिया गया था.
इसी तरह आदित्य पांडेय और पोद्दार नामक व्यक्तियों ने 12 कैंडीडेट रामवीर सिंह को दिए थे.

जिन छात्रों से पैसा वसूली की गई उनमें से 19 लोग पास भी हुए थे. एफआरओ, एसीएफ की पीटी पास कराने के लिए जेनरल से 5 लाख रुपए और अन्य जातियों के कैंडीडेट से 2-3 लाख रुपए प्रति कैंडीडेट की वसूली की गई थी. वसूली के इस पैसे में से 70 लाख रुपए रामवीर सिंह को दिया गया था. जबकि मेंस के लिए प्रति छात्र के हिसाब से 40 लाख रुपए की वसूली की गई थी.
इसी तरह 11-13वीं सिविल सेवा परीक्षा में इंटरव्यू के लिए प्रति कैंडीडेट 15 लाख रुपए की वसूली हुई थी और अंतिम चयन के लिए 60 से 70 लाख रुपए लिए गए थे. इसके अलावा सीडीपीओ की परीक्षा में प्रति अभ्यर्थी 10 लाख रुपए वसूले गए.
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