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    Home»JPSC / JSSC»जोहार लाइव एक्सक्लूसिव पार्ट-5: जेपीएससी-14 में थी 100 करोड़ वसूली की योजना, 11 छात्रों से एडवांस में लिए गए थे 1.10 करोड़
    JPSC / JSSC

    जोहार लाइव एक्सक्लूसिव पार्ट-5: जेपीएससी-14 में थी 100 करोड़ वसूली की योजना, 11 छात्रों से एडवांस में लिए गए थे 1.10 करोड़

    बुद्धेश्वर भगत के सीआईडी के समक्ष दिए बयान में 14वीं जेपीएससी पीटी में कथित सेटिंग का खुलासा हुआ है. बयान के मुताबिक 24 अभ्यर्थियों ने संपर्क किया था, लेकिन 11 ने पीटी से पहले प्रति अभ्यर्थी 10 लाख रुपए दिए. इन 11 अभ्यर्थियों से कुल 1.10 करोड़ रुपए लिए गए.
    joharlive NetworkBy joharlive NetworkAugust 13, 2026Updated:August 19, 2026No Comments6 Mins Read39
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    आनंद दत्त/किसलय शानू

    पहली खबर में हमने बताया था कि कैसे झारखंड पब्लिक सर्विस कमिशन (जेपीएससी) के तत्कालीन चेयरमैन ने 2 करोड़ रुपए और 20 प्रतिशत अतिरिक्त कमीशन तय करने के बाद टीडीपीएल कंपनी को काम सौंपा और फिर उसे सीट बेचने का रास्ता खोल दिया.

    दूसरी कड़ी में बताया कि कैसे झारखंड स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (जेएसएससी) ने कंबाइंड ग्रैजुएट लेवल (सीजीएल) का पेपर लीक हुआ था. कहां से प्रश्न आए, कहां छात्रों को रखा गया, उन्हें प्रश्न और उसके उत्तर रटवाए गए और उसके बदले कितने पैसे लिए गए.

    तीसरी कड़ी में हमने बताया कि कैसे जेपीएससी के अध्यक्ष एल ख्यांगते के अलावा जेपीएससी के अन्य तीनों सदस्य अजीता भट्टाचार्य, जमाल अहमद, अनीमा हांसदा और पतंजलि कोचिंग के रवि कुमार मिलकर कैंडिडेट पास कराते थे. चारों लोगों ने 11-13वीं जेपीएससी में अभय तिवारी, टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह व अन्य लोगों के साथ मिलकर कैंडिडेट से पैसे लेकर आपस में बंदरबांट करते थे. जिस कैंडिडेट से जो अधिकारी पैसा लेता था, उसे अपने साक्षात्कार बोर्ड में लेकर अधिक नंबर देकर पास करा देते थे.

    चौथी कड़ी में हमने बताया कि किस परीक्षा में कितने कैंडिडेट पैसा देकर अपनी सीट पक्की कराई और उसकी पूरी प्रक्रिया क्या थी. एक अन्य अभियुक्त उस्मान के स्वीकारोक्ति बयान के मुताबिक एसीएफ, एफआरओ में 100, 14वीं जेपीएससी में 100 से अधिक, जेपीएससी बैकलॉग में 50 से 100 अभ्यर्थी पैसा देकर पास हुए हैं.

    पांचवी किश्त में हम उन 11 नामों का खुलासा करने जा रहे हैं, जिन्होंने 14वीं जेपीएससी पीटी की परीक्षा में सबने मिलकर कुल 1 करोड़ 10 लाख रुपए दिए और पास हो गए. हालांकि पैसे देकर पास करने के लिए दलालों से कुल 24 लोगों ने संपर्क किया था, लेकिन पैसा 11 अभ्यर्थी ही दे पाए थे. इसमें कपिल कुमार महतो, संतोष कुमार, वंदना कुमारी, दिलीप कुमार राणा, ओम प्रकाश राणा, शिवम सिंह, पवन कुमार मुंडा, रॉकी सचिन लकड़ा, मनोज कुमार, रौशन केरकेट्टा और उमाकांत उरांव के नाम शामिल हैं. इन 11 अभ्यर्थियों ने कुल 1 करोड़ 10 लाख रुपए बुद्धेश्वर भगत को दिए थे.

    पीटी के लिए प्रति कैंडीडेट 10 लाख लिए

    बता दें, पूरे मामले में जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांगते सहित अब तक कुल 20 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं. गिरफ्तार हुए अभियुक्तों में एक बुद्धेश्वर भगत (46 साल) ने भी सीआईडी के समक्ष अपने अपराध कबूले हैं. दरअसल लोहरदगा जिले के बेजवाली गांव के रहनेवाले बुद्धेश्वर ने बहुत ही सरल तरीके से पूरी प्रक्रिया समझाई है.

    उसके स्वीकारोक्ति बयान के मुताबिक, मैं यानी बुद्धेश्वर भगत साल 2008 में नेशनल हेल्थ मिशन के नामकुम स्थित कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर संविदा में नौकरी कर रहा था. नौकरी के साथ-साथ जमीन खरीद बिक्री का भी काम करता था. साल 2022-23 में एनएचएम कार्यालय में ही देवघर जिले के मार्गोमुंडा गांव निवासी अभय कुमार तिवारी ऊर्फ मनोज कुमार तिवारी से मुलाकात हुई. वो उस वक्त T&M Consultancy Services कपंनी में कार्यरत था. वो मेरे ऑफिस में आउटसोर्सिंग का काम लेने के लिए बिडिंग भरने आया था. इसके बाद T&M Consultancy Services कपंनी को वह काम मिलने के बाद अभय कुमार तिवारी का आना-जाना लगातार होने लगा, जिससे कारण मेरी अभय कुमार तिवारी से गहरी दोस्ती हो गई.

    जनवरी 2026 में जब 14 वीं जेपीएससी परीक्षा का नोटिफिकेशन आया तो अभय ने मुझसे संपर्क किया और बोला कि इस बार के जेपीएससी में सेंटिंग हो रहा हैं. कोई कैंडिडेट होगा तो बताइयेगा उनका श्योर रिजल्ट करवा देंगे. फिर अभय ने अपने बारे में बताया कि वो खुद जेएसएससी-सीजीएल में सेंटिग करवाकर अच्छे रैंक से पास हुआ है. इतना ही नहीं जेएसएससी-सीजीएल के अलावा पीजीटी, एफएसओ, एसीएफ, एफआरओ की परीक्षा में सेंटिग करके पास किया है.

    उसने बताया कि जेनरल और ओबीसी कैंडिडेट के लिए अंतिम परिणाम पक्का करने के लिए 1 करोड़, एसटी कैंडिडेट के लिए 80 लाख रुपया देना होगा. जिसमें पीटी परीक्षा से पहले 10 लाख, मुख्य परीक्षा से पहले 50 प्रतिशत और साक्षात्कार से पहले पूरी रकम जमा करानी होगी. भुगतान केवल कैश में होगा. जितने अभ्यर्थी लाओगे, प्रत्येक अभ्यर्थी 15 लाख रुपया बतौर कमिशन मिलेगा.

    संतोष और कपिल ने जुटाए थे अभ्यर्थी

    बुद्धेश्वर आगे कहता है, अभ्यर्थी ढूंढने के लिए मैंने अपने करीबी रांची के धुर्वा निवासी संतोष कुमार से संपर्क किया. क्योंकि वो अक्सर कहता था कि काफी कोशिश के बाद भी नौकरी नहीं लग रही है, कोई परीक्षा में सेटिंग कराने वाला मिलेगा तो बताइएगा. संतोष के बाद उसके दोस्त धनबाद निवासी कपिल ने और बरियातू निवासी रमेश ने सेटिंग कराने को कहा. इन तीनों ने पीटी पास कराने के लिए कुल 24 नाम दिए. साथ ही इन सभी के मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र बतौर गारंटी मुझे मेरे नामकुम स्थित ऑफिस पर पहुंचा दिया गया.

    इन सभी शैक्षणिक प्रमाण पत्र को मैंने अभय तिवारी के कहे मुताबिक उनके साले सौरभ पांडेय और बिजनेस पार्टनर उमेश कुमार को दे दिया. परीक्षा से तीन दिन पहले कुल 24 अभ्यर्थियों में से 11 ने (प्रति अभ्यर्थी 10 लाख रुपए) कुल 1.10 करोड़ रुपए दिए. मैंने ये रकम दो बार में सौरभ और उमेश तक पहुंचा दी. बाकि बचे 13 अभ्यर्थियों की ओर से पैसा नहीं मिलने के कारण उनका शैक्षणिक प्रमाणपत्र वापस कर दिया गया.

    सफल हुए लोगों में कपिल कुमार महतो और संतोष कुमार अभ्यर्थी और एजेंट, दोनों की भूमिका में थे. एजेंट कपिल की तरफ से स्वयं के अलावा दिलीप कुमार राणा, ओम प्रकाश राणा और पवन कुमार मुंडा का नाम दिया गया था. जबकि एजेंट रमेश कुमार की तरफ से रॉकी सचिन लकड़ा, मनोज कुमार, रौशन केरकेट्टा और उमाकांत उरांव का नाम दिया गया था.

    बुद्धेश्वर ने सीआईडी को बताया कि, इसके बाद हमलोग मुख्य परीक्षा से पहले 50 प्रतिशत रकम उन अभ्यर्थियों से लेने ही वाले थे कि हमें सूचना मिली की जेपीएससी की जांच सीआईडी द्वारा की जा रही है. तब अभ्यर्थियों द्वारा उनके मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र को वापस करने के लिए दवाब बनाया जाने लगा. परिस्थिति बदलता देख, हमने अभय तिवारी के साले सौरभ कुमार और बिजनेस पार्टनर उमेश कुमार से संपर्क किया. बीते 1 अगस्त को उमेश बनारस से बस से रांची आया. जिसे मेरे अलावा सौरभ ने उसे रिसीव किया और फिर हम रामगढ़ गए. वहां उसने अपने मित्र अविनाश को बुलाया जिसके पास सभी कागजात रखे गए थे. यहां से सभी शैक्षणिक प्रमाण पत्र उन सभी अभ्यर्थियों को वापस कर दिया गया.

    क्रमश…

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