आनंद दत्त/किसलय शानू
झारखंड में प्राइवेट कंपनी में नियुक्ति के लिए सरकार की नीति है कि 40 हजार रुपये की तनख्वाह वाले पद पर राज्य के ही 75 प्रतिशत लोग नियुक्त हों. हालांकि इस पर नीति पर हाइकोर्ट के स्तर से फिलहाल रोक है. इसलिए यह नीति लागू नहीं हो पाई है.
सरकारी नौकरियों में बाकि राज्यों की तरह श्रेणीवार आरक्षण की व्यवस्था भी मौजूद है. झारखंड के छात्रों को इससे उम्मीद रहती है कि, दूसरे राज्यों में भले ही कम मौके मिलें, लेकिन अपने राज्य में उनके लिए तमाम अवसर मौजूद हैं. वो मेहनत करते हैं, लेकिन उनकी मेहनत पर पलीता कोई और नहीं, बल्कि जिनके जिम्मे राज्य सरकार की नीतियों को लागू करने, यहां के छात्रों को उसका लाभ देने की जिम्मेदारी दी गई, उन्होंने ही दगाबाजी करते हुए राज्य के बाहर के लोगों के हाथों नौकरी बेच दी और सरकार की छवि को धूमिल करने में कोई कसर नहीं छोड़ा. सरकार के साथ-साथ छात्रों के साथ भी भद्दा मजाक किया.
27 फरवरी 2025 को जब नई उम्मीद के साथ राज्य के पूर्व मुख्य सचिव एल. ख्यांगते को जेपीएससी का चेयरमैन बनाया गया, सरकार और लाखों छात्रों को उम्मीद थी कि वो जेपीएससी पर लगे दाग को साफ तो करेंगे ही, नई ईबारत लिखेंगे.
लेकिन हुआ इसके ठीक उलट. उन्होंने आते ही इसकी नींव खोद दी. भ्रष्टाचार के नए कीर्तिमान खड़े करने शुरू कर दिए. हालात को यहां तक पहुंचा दिया कि जिन पदों पर झारखंड के युवाओं का पहला हक था, उसे पैसे लेकर दूसरे राज्यों के छात्रों के हवाले कर दिया. वो राज्य के सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए ट्रबल मेकर बन सिस्टम में बैठ गए. बैठ क्या गए, सामान्य वर्ग की सीटों को नीलाम ही कर दिया. उनके इस कारनामे को अंजाम देने में जेपीएससी की सदस्य अजीता भट्टाचार्य ने भरपूर सहयोग दिया.
और…यह दावा है अभय तिवारी का. सीआईडी के समक्ष दिए बयान में उसने स्वीकार किया है कि सीडीपीओ के सामान्य वर्ग के लगभग सभी पद राज्य के बाहर के लोगों को बेच दिया गया.
सीआईडी को जांच के क्रम में इस बात की जानकारी अभय तिवारी के बयान से मिली है. सीआईडी बयान के आधार पर अब पूरे मामले में साक्ष्य एकत्रित करने का प्रयास कर रही है.
अभय तिवारी के द्वारा सीआईडी को दिए बयान के अनुसार सीडीपीओ की परीक्षा में टीडीपीएल कंपनी के द्वारा अभ्यर्थी उपलब्ध कराया गया था. जिसका रेट प्रति अभ्यर्थी 10 लाख था. सीडीपीओ परीक्षा में लगभग सभी जेनरल सीट में झारखंड के इतर दूसरे राज्यों के लोगों का चयन हुआ है. टीडीपीएल के द्वारा पैसा लेकर सेटिंग कराए गए सफल अभ्यर्थियों में पहला नाम रजक, जिसका इंटरव्यू बोर्ड तत्कालीन चेयरमैन एल. ख्यांगते का था. जिसमें रामवीर सिंह से बात हुई थी और 15 लाख रुपए लिए गए थे.


जिनके बारे में सेटिंग की मिली है सीआईडी को जानकारी
दूसरा नाम है काजल भारती. जिसका इंटरव्यू बोर्ड अजीता भट्टाचार्य के पास था. जिनके पीए को 10 लाख रुपए दिए गए थे.
तीसरा नाम है प्रमोद कुमार पाठक. जिसका सेटिंग कृष्णा के द्वारा कराया गया था, जो आईटीआई का प्रोजेक्ट मैनेजर था.
चौथा नाम कुमारी डॉली जायसवाल का है, इनकी सेटिंग भी कृष्णा के द्वारा कराया गया था. इसमें माध्यम बनी थी अजीता भट्टाचार्य.

पांचवा नाम है विभूती कुमार. इसका सेटिंग भी कृष्णा ने ही कराया था.
छठे नाम के तौर पर स्वाती कुमारी का सेटिंग भी कृष्णा ने कराया था.
सातवां नाम है अंकित कुमार, इसका सेटिंग कृष्णा ने कराया था. बाकि लोगों की सेटिंग टीडीपीएल ने ही कराया था.
हमने इन सभी से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन संपर्क नहीं होने की वजह से अभी हम किसी का पक्ष नहीं रख पा रहे हैं. पक्ष आने पर हम उसे भी प्रकाशित करेंगे.
ये रहा परीक्षा परिणाम
सीडीपीओ परीक्षा में सफल 64 लोगों का नाम और कैटेगरी
अनारक्षित/अनारक्षित फीमेल – अंकित कुमार, प्रमोद कुमार पाठक, दीपू कुमार, लोकेश कुमार, पम्मी, तपन रजक, अम्मार जमील, शाश्वत ओम प्रकाश सिंह, गोपाल कुमाल सिंह, अंकित कुमार शर्मा, कुमारी डॉली जायसवाल, अभिषेक कुमार गुप्ता, विधि सुमन, निखिल कुमार, प्रभा देवी, विभूति कुमार, मुकेश कुमार, प्रमीत कुमार महतो, स्वाती सिंह, किरण कुमारी, दिव्या रंजन, स्वाती कुमारी, चंपा चौधरी, सुदीपा दत्ता, बबली महतो, श्वेता सिन्हा, अर्पिता चौधरी, आकांक्षा कुमारी, चाहत कुमारी, ज्योति कुमारी, कृति कुमारी, अनुराधा कुमारी.
एसटी/ एसटी फीमेल – – सुभाष मुर्मू, सुमन प्रभा टोप्पो, दिनेश सिंह मुंडा, सुदर्शन भगत, राहुल कुमार लकड़ा, राम कुजूर, हरि सिंह मुंडा, विकास टुडू, रामकुमार, सिद्धार्थ कुमार, प्रियंका नेहा बिन्हा, रेश्मी लकड़ा, मधु मिंज, संगीता लकड़ा, मनीषा राजश्री खलखो, पुष्पा कंडूलना, श्रेया कुमारी तिर्की, पूर्णिमा रानी लकड़ा, अंकिता भगत, मेघा स्मृति, शालिनी कच्छप.
इडबल्यूएस/इडबल्यूएस फीमेल – ओम प्रकाश तिवारी, मारिया फातमा, अंकिता कुमारी, धन्या श्री, शुभम कुमार सिन्हा.
बीसी-1- सैफुन आलम.
एससी/एससी फीमेल – महेश्वरी कुमारी, उदय राज देश,
डीफ एंड डंब – अनुपम कमल
ब्लाइंड – अक्षय कुमार
लोकोमोटिव – प्रकाश कुमार
बता दें, पूरे मामले में सीआईडी ने अब तक एल ख्यांगते से पूछताछ के बाद उन्हें जेल भेज चुकी है. जांच में आए तथ्यों के आधार पर कोर्ट में डायरी भी सौंप चुकी है. वहीं दूसरी ओर मामले में अजीता भट्टाचार्य से भी पूछताछ की जा चुकी है. हालांकि, अभी हमें अजीता भट्टाचार्य का बयान नहीं मिला है. अजीता भट्टाचार्य की ओर से इस पूरे मामले पर पक्ष नहीं रखा गया है. उनके पक्ष रखने पर हम उसे भी प्रकाशित करेंगे.


