जोहार लाइव ब्यूरो
झारखंड के लातेहार जिले में बकरी चराने गई एक आदिवासी महिला के साथ कथित मारपीट, यौन दुर्व्यवहार और हिरासत में प्रताड़ना का मामला सामने आया है. आदिवासी पीड़िता ने बारियातू थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास और उनके साथ आए तीन अन्य लोगों पर बेरहमी से पीटने, जातिसूचक गालियां देने और यौन दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है.
महिला के मुताबिक, 5 अक्टूबर को बकरी चराने के दौरान उन्हें पोस्ता के कारोबार से जुड़े होने का आरोप लगाकर पकड़ा गया और थाने ले जाया गया. वहां उनके साथ मारपीट की गई. महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि पुलिस ने दबाव डालकर उनका वीडियो बनवाया और छोड़ने के लिए परिवार से 80 हजार रुपये लिए गए.
लातेहार पुलिस के इस रवैये से नाराज सीएम ने पुरे मामले पर संज्ञान लिया है. अपनी मां की अंत्येष्ठी ठीक अगले दिन एक्स पर उन्होंने साफ लहजे में लिखा कि यह स्थिति स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने लातेहार पुलिस से जांच करने और उचित कार्रवाई करने और इसकी सूचना देने का निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह स्थिति स्वीकार्य नहीं है.
उल्टा लटका कर पीटा, गुप्तांगों में मिर्ची डालने की धमकी, बर्बरता की पूरी कहानी
पीड़िता ने 8 अक्टूबर 2026 को लातेहार के पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव के समक्ष लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है. अपने आवेदन में उन्होंने बताया कि 5 अक्टूबर को दोपहर करीब दो बजे वह बकरी चरा रही थीं. इसी दौरान बगनदी गहवा के पास सिविल ड्रेस में आए लोगों ने उन्हें पकड़ा. महिला ने शिकायत में बारियातू थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास, ड्राइवर चंद्रदेव ठाकुर, मुंशी मनीष सहित अन्य लोगों का उल्लेख किया है.
बकौल पीड़िता, बीते 5 अक्टूबर को मारपीट के दौरान मुझे पकड़ कर बरियातू थाना ले जाया गया. यहां पहले मेरे दोनों पैरों को बांध दिया गया. इसके बाद मुझे उल्टा लटका कर बेरहमी से पीटा गया. पिटाई के दौरान भद्दी-भद्दी गालियां भी दी गई. वो कह रहे थे कि भोक्ता, गंझू …(जातिसूचक गाली) आदिवासी…पोस्ता का खेती करती है. गुप्तांगों में मिर्ची डाल देंगे. यही नहीं, थाने ले जाने के क्रम में मेरे स्तनों को वो लगातार दबाते रहे. मेरी पिटाई करते रहे.
अगले दिन यानी 6 अक्टूबर को देर शाम 9 बजे छोड़ने के क्रम में जबरदस्ती वीडियो बनवाया गया. जिसमें मुझसे कहलवाया गया कि मैं पोस्ता का खेती करती हूं. मुझसे कहा गया कि अगर मैं ऐसा नहीं बोलूंगी तो मेरा मोबाइल और मोटरसाइकिल जिसे पुलिस ने जब्त किया था, वो नहीं दिया जाएगा.
लातेहार पुलिस की हवस यहीं नहीं रुकी. वो मेरे घर आई और घर में रखे 80 हजार रुपए भी ले गई.
परिवार की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि पुनिया देवी को छोड़ने के लिए 80 हजार रुपये लिए गए.
मुख्यमंत्री ने कहा, स्थिति स्वीकार्य
मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लातेहार पुलिस को तत्काल संज्ञान लेने, मामले की जांच करने और उचित कार्रवाई करते हुए सूचना देने का निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “यह स्थिति स्वीकार्य नहीं है”,
पूरे मामले में पुलिस का पक्ष लेने के लिए लातेहार एसपी कुमार गौरव से संपर्क करने की कोशिश की गई. लेकिन बात नहीं हो पाई. उनका पक्ष सामने आते ही, हम इस खबर में उसे भी शामिल करेंगे.
हालांकि सीएम के आदेश पर पुलिस ने एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, मामले को संज्ञान में लिया गया है, एवं मामले की जाँच हेतु अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बालूमाथ एवं महिला पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक जांच दाल का गठन किया गया है. जांचोपरांत दोषियों के खिलाफ उचित कार्यवाही की जाएगी.
आम जनों के साथ बर्बरता की आदी है लातेहार पुलिस
ये कोई पहला मामला नहीं है. आम जनों के साथ बर्बतापूर्ण व्यवहार के मामले में लातेहार पुलिस झारखंड के कई अन्य जिलों से बहुत आगे है.
मई 2025 में 15 वर्षीय दुर्गेश नायम युवक के संदिग्ध मौत मामले में शक के आधार पर सावित्री देवी के नाबालिक बेटे को दो दिनों तक हिरासत में रखा और जमकर पिटाई की. यही नहीं, छोड़ने के एवज में 2.50 लाख रुपए रिश्वत भी मांगा. पूरे मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया था. जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इस मामले में राज्य की सरकार से जवाब मांगा. यह मामला क्रिमिनल रिट के तौर पर दाखिल किया गया था, जिसे अदालत ने स्वतः संज्ञान में बदल दिया.
उसी साल मई माह के 14 तारीख को हेरहंज प्रखंड और जालिमखुर्द गांव के पास जमीन विवाद या अवैध निर्माण को लेकर हुई कार्रवाई के दौरान, पुलिस की पिटाई से सुखन प्रसाद नामक ग्रामीण की मौत होने का ग्रामीणों ने आरोप लगाया था. इसके बाद आक्रोशित लोगों ने रांची-मेदनीनगर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया था.
12 जून 2021 को गारू प्रखंड के पीरी गांव के जंगल में तथाकथित तौर पर शिकार करने जा रहे एक आदिवासी युवक ब्रह्मदेव सिंह को पुलिस ने माओवादी समझ कर गोली मार दी थी. बाद में पुलिस ने कहा कि उसने आत्मरक्षा में गोली चलाई थी.

