रांची : खूंटी में बीते दिन स्कूल के प्रिंसिपल फादर बेनेडिक्ट बारला पर हुए हमले और स्कूल कैंपस से हुए चोरी मामले में खूंटी पुलिस के पदाधिकारियों और जवानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. एक तरफ स्थानीय जनता का हर पल पुलिस पर दबाव तो दूसरी ओर जनता से किये वादों को खूंटी एसपी ऋषभ गर्ग समेत पूरी टीम ने 36 घंटे के अंदर पूरा किया है. इस मामले में संलिप्त नाबालिगों ने घटना को उस वक्त अंजाम दिया, जब पुलिस महकमा दुर्गा पूजा के दौरान विधि व्यवस्था संभालने में व्यस्त थे.
इसके बावजूद खूंटी एसपी ऋषभ गर्ग ने फादर बेनेडिक्ट पर हुए जान लेवा हमले को चैलेंज के तौर पर लिया और 4 अलग-अलग टीम बनाया. दिन-रात टीम की कड़ी मेहनत और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध की पहचान व कड़ी पूछताछ ने घटना में शामिल नाबालिगों तक पहुंचा दिया. फिर एसपी की क्विक रिस्पांस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों नाबालिग को अलग-अलग जगह से पकड़ा और उनके पास से स्कूल कैंपस से चुराया फादर का मोबाइल, कैश रुपये और म्यूजिक सिस्टम को बरामद कर लिया है. खूंटी पुलिस ने पकड़े गए तीनों नाबालिग को न्यायालय के समक्ष पेश करने के बाद बाल सुधार गृह भेजा है.
कब्रिस्तान के रास्ते स्कूल कैंपस में घुसे थे नाबालिग
एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया कि बीते 20 अक्टूबर की रात करीब 8:30 बजे चार नाबालिग कब्रिस्तान की ओर से आरसी बालक मध्य विद्यालय पहुंचे थे. सभी नाबालिग का मकसद मेला घूमने के लिए पैसे चुराना था. स्कूल कैंपस में सभी नाबालिग घुसे ही थे कि प्रिंसिपल फादर बेनेडिक्ट बारला किसी काम से वहां पहुंच गए. स्कूल के पूर्ववर्ती छात्र होने के कारण आरोपी स्कूल परिसर और वहां की व्यवस्था से परिचित थे. फादर के अचानक पहुंचने के बाद उनका आरोपियों से सामना हो गया.
इसी दौरान विवाद शुरू हुआ और एक नाबालिग ने छोटे कुदाल जैसे हथियार से फादर के माथे और कनपटी पर वार कर दिया. इस हमले में फादर घायल होकर गिर पड़े और आरोपी स्कूल के ऑफिस से सामान चोरी कर वहां से निकल गए. नाबालिगों ने पूरी घटना को करीब आधे घंटे के अंदर अंजाम देकर निकल गए थे.
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