रांची. झारखंड में JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विद्यार्थियों के पक्ष में आवाज उठाई है. राहुल गांधी ने छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग को गलत बताते हुए सरकार से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है.
राहुल गांधी ने कहा कि झारखंड में विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल का इस्तेमाल गलत है. छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है और बातचीत से ही समाधान निकल सकता है. उन्होंने झारखंड सरकार से छात्रों की बात सुनने और उनकी समस्याओं का तुरंत समाधान करने की अपील की.
राहुल गांधी गांधी ने इससे पहले दिल्ली में हुए नीट के विद्यार्थियों के प्रोटेस्ट को भी गलत बताया था. जिसमें प्रधानमंत्री को सीधा जिम्मेवार बताया था. नीट प्रोटेस्ट में तत्कालिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्टीफा देना पड़ा था.
विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर पुलिस कार्रवाई
राहुल गांधी का बयान ऐसे समय आया है, जब सोमवार को झारखंड में JPSC-JSSC आंदोलन कर रहे छात्रों ने विधानसभा घेराव का प्रयास किया. प्रदर्शनकारी विधानसभा की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया.
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच टकराव की स्थिति बनी. पुलिस की ओर से आंसू गैस के गोले दागे गए, वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया और लाठीचार्ज भी किया गया. बाद में प्रदर्शनकारी विधानसभा के सामने लगाए बैरिकैडिंग तोड़कर विधानसभा के अंदर पहुंचे.
ज्ञात हो, छात्र लंबे समय से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित गड़बड़ियों की जांच और दोषियों पर कार्रवाई समेत कई मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के दौर भी हो चुके हैं, लेकिन सभी मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई है.

इसी बीच राहुल गांधी के बयान ने छात्र आंदोलन को नया राजनीतिक समर्थन दिया है. उन्होंने साफ कहा है कि छात्रों की मांगों का समाधान बल प्रयोग से नहीं, बल्कि संवाद और बातचीत से होना चाहिए.
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