JPSC-JSSC नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच रविवार को सरकार और अभ्यर्थी न्याय मंच के छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई. वार्ता में 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करने, बैकलॉग 2023-25 को रद्द करने और TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को जांच के दायरे में लाने पर सहमति बनी है. इसके अलावा छात्र नेता चंदन कुमार के अनुसार सरकार वित्तीय लेन-देन की जांच ED से कराने के लिए तैयार है.
चंदन कुमारे के अनुसार, सरकार JPSC और JSSC की परीक्षा में व्यापक सुधार के लिए विशेषज्ञ संस्थानों की मदद लेगी. इसके लिए IIM और XISS जैसे संस्थानों के सहयोग से Reform प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही गई है.
सरकार ने JPSC-JSSC परीक्षा व्यवस्था में सुधार यानी Reforms को लेकर छात्रों के साथ व्यापक संवाद करने की बात कही है. वहीं, JPSC मामले में चल रही CID जांच को 90 दिनों के भीतर पूरा करने की बात कही गई है.
JSSC CGL भी रद्द करने की मांग
बैठक के बाद छात्र नेता चंदन कुमार ने कहा कि छात्रों की मांग में JSSC CGL परीक्षा को रद्द करना भी शामिल है. हालांकि, इस मुद्दे पर अभी अंतिम सहमति नहीं बनी है. सरकार ने दोनों छात्र गुटों से आपस में बातचीत कर सहमति बनाने को कहा है.
चंदन कुमार के मुताबिक, दोनों गुट आपस में बातचीत करेंगे और साझा सहमति बनने के बाद सरकार के साथ अगले राउंड में फिर वार्ता होगी. ऐसे में JSSC CGL को रद्द करने की मांग पर अगली बातचीत में स्थिति स्पष्ट हो सकती है.
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के साथ की बैठक
इससे पहले रविवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंत्रियों के साथ बैठक कर JPSC-JSSC विवाद और छात्र आंदोलन पर चर्चा की. इसके बाद सरकार और अभ्यर्थी न्याय मंच के बीच दोपहर 12 बजे वार्ता हुई.
अभ्यर्थी न्याय मंच की ओर से छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से बातचीत की. इसमें चंदन कुमार, दीनबंधु मंडल, इकबाल हुसैन, रविशंकर, प्रेम कुमार और रामा अवतार महतो शामिल रहे. प्रतिनिधिमंडल ने परीक्षा में कथित गड़बड़ियों, परीक्षा प्रक्रिया में सुधार और अभ्यर्थियों की अन्य मांगें सरकार के सामने रखीं.

दोनों छात्र गुटों से बातचीत का रास्ता
सरकार इससे पहले JPSC-JSSC Reform Manch के प्रतिनिधियों के साथ भी बातचीत कर चुकी है. अब सरकार ने दोनों छात्र गुटों को आपस में बातचीत कर साझा सहमति बनाने को कहा है.
छात्र नेताओं का कहना है कि दोनों गुटों के बीच सहमति बनने के बाद सरकार के साथ बातचीत का अगला दौर होगा. इससे आंदोलन की आगे की रणनीति और JSSC CGL समेत अन्य मांगों पर तस्वीर साफ होगी.
14वीं JPSC से TDPL तक जांच का दायरा बढ़ा
रविवार की वार्ता में 14वीं JPSC को रद्द करने के साथ बैकलॉग 2023-25 को भी रद्द करने की बात सामने आई है. इसके अलावा TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को जांच के दायरे में लाने का फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
JPSC-JSSC परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर सरकार छात्रों से व्यापक संवाद करेगी. वहीं, CID की जांच को 90 दिनों के भीतर पूरा करने की बात कही गई है.

छात्र आंदोलन के बीच सरकार और अलग-अलग छात्र प्रतिनिधिमंडलों के साथ लगातार हो रही बातचीत को समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. हालांकि, JSSC CGL को रद्द करने समेत कुछ मांगों पर अभी दोनों छात्र गुटों के बीच सहमति बनना बाकी है.



