रांची: JPSC-JSSC नियुक्ति परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच रविवार को सरकार और अभ्यर्थी प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई वार्ता में कई बड़े फैसले लिए गए. वार्ता में फिलहाल तीन परीक्षाओं को रद्द करने, TDPL एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं की जांच कराने और JPSC-JSSC में व्यापक सुधार के लिए विशेषज्ञ संस्थानों की मदद लेने पर सहमति बनी.
छात्र नेता चंदन कुमार के मुताबिक, 14वीं JPSC प्रीलिम्स, JPSC बैकलॉग 2023 और JPSC बैकलॉग 2025 को रद्द किया जाएगा. वहीं, TDPL एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं से जुड़े आपराधिक मामलों की जांच CID से और आर्थिक एवं वित्तीय पहलुओं की जांच ED से कराने का फैसला लिया गया है.
JSSC CGL की होगी उच्चस्तरीय जांच
वार्ता में JSSC CGL को लेकर भी बड़ा फैसला हुआ है. CGL मामले की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय कमिटी गठित की जाएगी. इसके अलावा मामले के वित्तीय पहलुओं की जांच ED करेगी, जबकि आगे की आपराधिक जांच CID के जरिए होगी.
छात्र प्रतिनिधियों की ओर से JSSC CGL परीक्षा को रद्द करने की मांग भी रखी गई है. इस मांग पर आगे की बातचीत में निर्णय होने की बात सामने आई है.
JPSC-JSSC Reform में IIM और XISS की मदद
छात्र नेता चंदन कुमार के अनुसार, परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार अब विशेषज्ञ संस्थानों की मदद लेगी. वार्ता में तय हुआ कि JPSC और JSSC की कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार के लिए IIM और XISS जैसे संस्थानों का सहयोग लिया जाएगा.
इसका उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और व्यवस्थित बनाना है. छात्रों की ओर से लंबे समय से परीक्षा प्रणाली में संस्थागत सुधार की मांग की जा रही थी.
जांच के लिए 90 दिनों की समय-सीमा
वार्ता में मामलों की जांच और त्वरित न्याय को लेकर भी बड़ा निर्णय लिया गया है. मामलों के जल्द निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की बात कही गई है.
इसके साथ ही सभी आर्थिक और न्यायिक जांच की रिपोर्ट 90 दिनों के भीतर सरकार को सौंपने का प्रावधान किए जाने की बात कही गई है. इससे JPSC-JSSC विवाद से जुड़े मामलों की जांच को लंबे समय तक लंबित रहने से रोकने की कोशिश होगी.
TDPL की सभी परीक्षाएं अब जांच के घेरे में
छात्र प्रतिनिधियों ने बताया कि TDPL एजेंसी द्वारा पूर्व में आयोजित परीक्षाओं को लेकर सरकार ने जांच का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है. अब एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं से जुड़े आपराधिक और वित्तीय पहलुओं की जांच होगी.
इस फैसले से TDPL की ओर से आयोजित अन्य भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में आ गई है. आपराधिक मामलों को CID और आर्थिक- वित्तीय पहलुओं को ED के जरिए जांचे जाने की बात कही गई है.
रविवार की वार्ता को छात्र आंदोलन के लिहाज से अहम माना जा रहा है. तीन परीक्षाओं को रद्द करने से लेकर JSSC CGL की उच्चस्तरीय जांच, ED-CID जांच और परीक्षा व्यवस्था में व्यापक Reform के फैसले से विवाद के समाधान की दिशा में सरकार की ओर से बड़ा कदम माना जा रहा है.

