रांची। झारखंड पुलिसकर्मियों को जल्द प्रमोशन और लंबे समय से अटके ACP/MACP समेत दूसरे सेवा लाभ मिल सकते हैं. DGP तदाशा मिश्र ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में हुई समीक्षा बैठक में लंबित मामलों को तेजी से निपटाने के निर्देश दिए.
उन्होंने अगले एक साल में रिटायर होने वाले पुलिसकर्मियों के मामलों को प्राथमिकता से पूरा करने और 15 दिनों के भीतर विभिन्न संवर्गों में 50 प्रतिशत पदों का रोस्टर क्लियर कर रिक्तियों की सूची मुख्यालय को देने का आदेश दिया.
आरक्षी से पुलिस अवर निरीक्षक तक प्रमोशन के मामले निपटेंगे
DGP ने सभी जिलों के अधिकारियों को आरक्षी से हवलदार, सहायक अवर निरीक्षक और पुलिस अवर निरीक्षक के पदों पर प्रमोशन के लंबित मामलों को जल्द पूरा करने को कहा. ट्रेड चालक, आर्मोरर, हवलदार समेत दूसरे संवर्गों में अटके ACP/MACP के मामलों को भी प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का निर्देश दिया गया.
खास तौर पर अगले एक साल में रिटायर होने वाले पुलिसकर्मियों के मामलों को पहले पूरा करने को कहा गया है. इसका मकसद यह है कि सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें मिलने वाले वित्तीय और दूसरे सेवा लाभ में देरी न हो.
थानों में अटके मालखाना प्रभार भी होंगे पूरे
बैठक में थानों के मालखाना से जुड़े लंबित मामलों की भी समीक्षा हुई. DGP ने ऐसे सभी थानों की पहचान करने को कहा, जहां पहले पदस्थापित रहे और अब स्थानांतरित हो चुके पुलिस अधिकारियों के पास कांडों या मालखाना का प्रभार लंबित है.
वर्तमान थाना प्रभारियों के साथ समन्वय कर पुराने अधिकारियों से संबंधित कांडों और मालखाना का प्रभार विधिवत रूप से ग्रहण कराने को कहा गया. साथ ही मालखाना के रिकॉर्ड को अपडेट रखने और उसका सही तरीके से संधारण करने का निर्देश दिया गया.
पुलिस सभा में सुनी जाएंगी कर्मियों की समस्याएं
DGP ने सभी पुलिस अधीक्षकों को नियमित रूप से पुलिस सभा आयोजित करने का निर्देश दिया. इसमें पुलिसकर्मियों की व्यक्तिगत और पेशेवर समस्याओं को सुना जाएगा और उनके समाधान की कार्रवाई की जाएगी.
रिक्त पदों को लेकर भी जिलों को समयसीमा दी गई है. सभी जिलों को 15 दिनों के भीतर विभिन्न संवर्गों में 50 प्रतिशत पदों का रोस्टर क्लियरेंस कर रिक्तियों की सूची पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध करानी होगी.
बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) मनोज कौशिक, पुलिस महानिरीक्षक (मानवाधिकार) पंकज कम्बोज, पुलिस महानिरीक्षक (प्रोविजन) पटेल मयूर कनैयालाल और झारखंड जगुआर के पुलिस उप-महानिरीक्षक इंद्रजीत महथा समेत अन्य वरीय अधिकारी मौजूद रहे. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्य के सभी क्षेत्रीय पुलिस उप-महानिरीक्षक और सभी जिलों के वरीय पुलिस अधीक्षक व पुलिस अधीक्षक भी बैठक से जुड़े.

