केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) के तहत 10 राज्यों के लिए 1,200 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि मंजूर की है. इसमें झारखंड को 58 करोड़ और बिहार को 114 करोड़ मिले हैं. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को नई दिल्ली में राज्यों के कृषि मंत्रियों को वित्तीय मंजूरी के पत्र सौंपे. इस मंजूरी में पश्चिम बंगाल को 290 करोड़, हरियाणा को 198 करोड़ और छत्तीसगढ़ को 181 करोड़ मिले हैं.
धान के बाद खाली खेतों में दाल की खेती पर जोर
रबी सीजन शुरू होने के साथ केंद्र ने पूर्वी भारत के उन इलाकों में दाल की खेती बढ़ाने पर जोर दिया है, जहां धान की कटाई के बाद खेत खाली रह जाते हैं. इसमें झारखंड, बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल को खास तौर पर शामिल किया गया है.
कृषि मंत्री ने राज्यों से कहा कि रबी फसलों की योजना बनाते समय मिट्टी में मौजूद नमी और पानी की उपलब्धता का ध्यान रखा जाए. धान के बाद खाली रहने वाले खेतों में दाल की खेती को बढ़ावा देने से किसानों को एक अतिरिक्त फसल लेने का मौका मिल सकता है.
मिट्टी की सेहत पर फोकस, 22 अक्टूबर से खेत बचाओ अभियान
केंद्र सरकार 22 अक्टूबर से 30 नवंबर तक ‘खेत बचाओ अभियान’ चलाएगी. इस अभियान में मिट्टी की सेहत, सॉयल हेल्थ कार्ड के इस्तेमाल और खाद के संतुलित उपयोग पर जोर दिया जाएगा.
शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों से नकली खाद, नकली बीज और घटिया कीटनाशकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने को भी कहा. उनका कहना है कि खेती में बेहतर उत्पादन के लिए मिट्टी की जरूरत के हिसाब से खाद और दूसरी कृषि सामग्री का इस्तेमाल जरूरी है.
कृषि योजनाओं की निगरानी के लिए केंद्र और राज्यों के बीच हर महीने वर्चुअल समीक्षा बैठक भी होगी. इसके अलावा कृषि मंत्रियों और सचिवों के साथ राज्य कृषि विश्वविद्यालय, आईसीएआर संस्थान, कृषि विज्ञान केंद्र, आत्मा और किसान उत्पादक संगठनों को जोड़कर ‘स्टेट एग्रीकल्चर टीम’ बनाई जाएगी. जिला स्तर पर भी हर महीने योजनाओं की समीक्षा होगी.
तुअर, उड़द और मसूर की MSP पर 100 फीसदी खरीद
केंद्र ने तुअर, उड़द और मसूर की न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर 100 फीसदी सरकारी खरीद की व्यवस्था करने की बात कही है. सरकार के मुताबिक किसानों को खरीद के बाद भुगतान 48 घंटे के भीतर करने की व्यवस्था की जाएगी.
इसके साथ ही फसल कटने के बाद उसके भंडारण और बिक्री की व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है. वैज्ञानिक वेयरहाउसिंग और बेहतर मार्केटिंग सिस्टम के जरिए किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम दिलाने की कोशिश की जाएगी. केंद्र ने अंतरराष्ट्रीय मुक्त व्यापार समझौतों यानी FTA के जरिए भारतीय कृषि उत्पादों के लिए विदेशी बाजार बढ़ाने की बात भी कही है.

