जोहार लाइव ब्यूरो
JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर सोमवार, 28 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष हुई. सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक सूची में भी 28 सितंबर की कार्यवाही के लिए यही पीठ दर्ज है.
यह याचिका हरिशरण देवनाथ की ओर से दायर की गई है. अगस्त 2026 में भी सुप्रीम कोर्ट ने इसी मामले में झारखंड सरकार और अन्य पक्षों को नोटिस जारी किया था. उस समय मामला JPSC और JSSC के जरिए हुई नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग से जुड़ा बताया गया था.
PGTTCE-2023 को लेकर भी हस्तक्षेप याचिका
सुनवाई के दौरान PGTTCE-2023 को लेकर भी एक हस्तक्षेप याचिका दायर किए जाने की बात सामने आई. कोशीलाल प्रसाद और अन्य की ओर से दायर इस I.A. में परीक्षा में कथित गड़बड़ी और सिस्टम में हेरफेर के आरोपों को उठाया गया है.
याचिकाकर्ताओं की ओर से यह दावा किया गया है कि PGTTCE-2023 में हुई कथित अनियमितताओं को झारखंड सरकार के 17 अगस्त 2026 के फैसलों में जांच के दायरे में नहीं रखा गया. उनका आरोप है कि JPSC-JSSC से जुड़े मामले में जांच के दौरान सामने आए कुछ तथ्यों का संबंध PGTTCE-2023 से भी है. हालांकि, ये आरोप याचिकाकर्ताओं की ओर से लगाए गए हैं और इन पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष अभी नहीं आया है.
PGTTCE-2023 में पहले भी सामने आया था तकनीकी विवाद
PGTTCE-2023 को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में पहले से अलग याचिकाएं लंबित रही हैं. अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, परीक्षा अगस्त-सितंबर 2023 में CBT मोड में हुई थी. बाद में कुछ अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि तकनीकी या सॉफ्टवेयर संबंधी समस्या के कारण उनके द्वारा चुने गए विकल्प गलत या जंबल दिखे, जिससे परिणाम प्रभावित हुआ.
इसी पृष्ठभूमि में PGTTCE-2023 से जुड़े अभ्यर्थियों की ओर से परीक्षा के डिजिटल रिकॉर्ड और उत्तर-पत्रों को सुरक्षित रखने जैसी मांगें भी अदालत के सामने रखी गई थीं.
5 अक्टूबर को अगली सुनवाई का दावा
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मामले में अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को निर्धारित की गई है. हालांकि, उपलब्ध सुप्रीम कोर्ट की सार्वजनिक cause-list जानकारी में 5 अक्टूबर की सूची दिखाई दे रही है, लेकिन इस विशेष मामले की सुनवाई की पुष्टि के लिए केस नंबर/डायरी नंबर से आधिकारिक ऑर्डर की प्रति उपलब्ध नहीं हो सकी है.
मामले में JPSC-JSSC Reform Forum की ओर से भी दो हस्तक्षेप याचिकाएं दायर किए जाने की बात प्रेस विज्ञप्ति में कही गई है. अब आगे की सुनवाई में अदालत के समक्ष JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और PGTTCE-2023 से जुड़े आरोपों पर पक्षों की दलीलें सामने आएंगी.
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