झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन आज 26वें दिन में दाखिल हो गया है, और इसी बीच छात्र नेता रविंद्र पासवान का एक वीडियो सामने आया है जिसने पूरे आंदोलन की दिशा साफ कर दी है. ANI द्वारा पोस्ट किए गए, वीडियो में पासवान ने सरकार की ताजा अधिसूचना पर सीधी और साफ प्रतिक्रिया दी है, और साथ ही एक बड़ी शर्त भी रख दी है.
पासवान ने कहा कि सरकार ने एक दिन पहले परीक्षा रद्द करने से जुड़ी अधिसूचना जारी की, जिसे छात्रों ने देख लिया है. लेकिन इसमें न्यायिक जांच से जुड़े कई पहलू अब भी धुंधले हैं. यही वजह है कि आज सुबह 10 बजे यानी 10अगस्त केो कोर कमेटी की बैठक बुलाई गई है, जिसके बाद ही आंदोलन को लेकर अगला बड़ा फैसला सामने आएगा.
असली मुद्दा यहां से शुरू होता है केि सरकार ने जो प्रस्ताव रखा है, उसमें जांच किसी रिटायर्ड हाईकोर्ट जज की अध्यक्षता में कराने की बात कही गई है. लेकिन पासवान ने इस पर सीधा ऐतराज जताते हुए कहा कि परीक्षा रद्द करने की मांग भले ही सरकार ने मान ली हो, अगर मामला CBI को नहीं सौंपा जाता, तो जांच किसी रिटायर्ड नहीं, बल्कि सेवारत जज की निगरानी में ही होनी चाहिए. उनके मुताबिक, आज की कोर कमेटी बैठक का पूरा फोकस इसी एक मांग पर टिका है और यही वो पेच है जो आंदोलन को आगे भी जिंदा रख सकता है.
पासवान ने साफ किया कि जो भी अंतिम फैसला होगा, उसकी घोषणा प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए की जाएगी. यानी सरकार भले ही 44 परीक्षाएं रद्द कर चुकी हो, लेकिन असली लड़ाई अब जांच की “साख” को लेकर है. रिटायर्ड जज या सिटिंग जज, यही सवाल आज तय करेगा कि आंदोलन खत्म होगा या और तेज.
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