जोहार लाइव ब्यूरो
मंगलवार देर रात झारखंड सरकार ने कुल 22 परीक्षाओं को रद्द कर दिया. इससे पहले सोमवार को अहम फैसला लेते हुए सीएम हेमंत सोरेन ने कहा था कि टीडीपीएल नामक कंपनी की ओर से आयोजित सभी परीक्षाएं और उनका परिणाम, रद्द किया जाएगा.
इधर टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह की ओर से सीआईडी के समक्ष दिए गए स्वीकारोक्ति बयान के मुताबिक सिविल जज के परीक्षा का आयोजन उसकी कंपनी की तरफ से तो नहीं किया गया था, लेकिन परिणाम जारी किया गया था.
बकौल रामवीर सिंह, सिविल जज का पीटी हमने नहीं कराया था. पीटी का मेरिट लिस्ट किसी थर्ड एजेंसी ने बनवाया था. सुप्रीम कोर्ट के आदेश से उसमें 2 प्रश्न ड्रॉप करने के बाद फिर मेरी कंपनी द्वारा मेरिट लिस्ट और संशोधित रिजल्ट निकलवाया गया. इस प्रक्रिया के बाद लगभग 200 छात्र मेरिट लिस्ट से बाहर हो गए और फिर 200 नए छात्रों की इंट्री हो गई.
बता दें, झारखंड में निचली अदालतों के लिए सिविल जज (जूनियर डिविजन) की नियुक्ति के लिए झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने विज्ञापन संख्या 22/2023 जारी किया था. इस भर्ती के जरिए कुल 138 पदों पर नियुक्ति हुई थी.
इनमें 60 पद सामान्य वर्ग, 28 अनुसूचित जनजाति, 12 अनुसूचित जाति, 13 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, 10 बीसी-I और 15 पद बीसी-II के लिए निर्धारित थे.

तीन चरणों में होनी थी भर्ती
भर्ती प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी हुई थी. सबसे पहले प्रारंभिक परीक्षा, उसके बाद मुख्य परीक्षा और अंत में साक्षात्कार. ऑनलाइन आवेदन 21 अगस्त 2023 से 21 सितंबर 2023 तक लिए गए. इसके बाद 10 मार्च 2024 को प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की गई.
प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम 2 जुलाई 2024 को जारी किया गया. इसमें कुल 1,844 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया.
CID जांच में धांधली और गिरफ्तारियों के बाद JPSC ने 23 जुलाई 2026 को नोटिस जारी कर सिविल जज मेंस परीक्षा (6-7 सितंबर) सहित कई अन्य परीक्षाओं को अपरिहार्य कारणों से अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया. मार्च 2024 में प्रारंभिक परीक्षा होने के बावजूद मुख्य परीक्षा सितंबर 2026 में तय की गई थी.
इतनी देरी के 4 मुख्य कारण रहे:

1. आंसर-की विवाद और रिवाइज्ड रिजल्ट 10 मार्च 2024 को प्रीलिम्स परीक्षा होने के बाद मॉडल आंसर-की को लेकर छात्रों ने कई सवाल उठाए. आयोग को दो-दो बार आंसर-की सुधारनी पड़ी. पहली आंसर-की मार्च में आई. संशोधित आंसर-की अप्रैल और फिर मई 2024 में जारी की गई, जिससे रिजल्ट बनने में देरी हुई. पहला रिजल्ट 02 जुलाई 2024 को जारी किया गया.
- आरक्षण और योग्यता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं रिजल्ट घोषित होने के बाद कट-ऑफ के अंतर और पात्रता नियमों को लेकर मामला हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट (SLP No. 21079/2025) में चला गया. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आयोग को रिजल्ट और आंसर-की पर फिर से काम करना पड़ा. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आधार पर आयोग ने 05 जून 2026 को पुनः संशोधित प्रीलिम्स रिजल्ट जारी किया.
- सफल अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन मुख्य परीक्षा से पहले प्रारंभिक परीक्षा में पास हुए अभ्यर्थियों से हार्ड कॉपी आवेदन पत्र और प्रमाणपत्र मंगवाए गए. 1,844 अभ्यर्थियों के वकालत/नामांकन प्रमाणपत्रों और शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच की समय सीमा मई 2025 तक खींची गई.
- TDPL भर्ती घोटाला और CID जांच (सबसे बड़ा कारण)2024 के अंत से लेकर 2025 तक, आउटसोर्सिंग एजेंसी TDPL द्वारा आयोजित JSSC/JPSC की परीक्षाओं में भारी धांधली और पेपर लीक के मामले सामने आए. CID/SIT की जांच शुरू हुई और एजेंसी के अधिकारियों व आयोग के कर्मचारियों के बीच सांठगांठ के साक्ष्य मिले. आयोग लगातार जांच रिपोर्ट का इंतजार करता रहा और परीक्षाएं टलती गईं.
परीक्षा संचालन में TDPL की भूमिका
छात्रों के 24 दिनों के उग्र आंदोलन के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई विशेष कैबिनेट बैठक में 17 अगस्त 2026 को TDPL एजेंसी द्वारा ली गई सभी परीक्षाओं, प्रक्रियाओं और परिणामों को पूरी तरह से रद्द करने का आधिकारिक फैसला लिया गया.
मुख्य परीक्षा 6 सितंबर और 7 सितंबर 2026 को आयोजित होनी तय की गई थी और इंटरव्यू की संभावित अवधि: मुख्य परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद अक्टूबर – नवंबर 2026 के आसपास इंटरव्यू होना संभावित था.
प्रारंभिक परीक्षा में अलग-अलग श्रेणियों के लिए अलग कटऑफ निर्धारित किया गया था. सामान्य वर्ग का कटऑफ 75 अंक रहा. वहीं बीसी-I के लिए 41, ईडब्ल्यूएस के लिए 40, बीसी-II के लिए 37 और एससी-एसटी के लिए 32 अंक का कटऑफ रहा.
परीक्षा की प्रक्रिया में तकनीकी और डेटा से जुड़े काम के लिए TSR Data Processing Private Limited यानी TDPL की सेवाएं ली गई थीं. एजेंसी की जिम्मेदारियों में परीक्षा से जुड़े तकनीकी काम, ओएमआर शीट की स्कैनिंग और डेटा प्रोसेसिंग जैसे कार्य शामिल थे. इस तरह प्रारंभिक परीक्षा के आयोजन और उसके परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया में एजेंसी की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
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