रांची. झारखंड सरकार ने जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में गड़बड़ी की शिकायतों को लेकर 18 अगस्त की देर रात बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने जेपीएससी की कई परीक्षाएं रद्द कर दी हैं. जेएसएससी सीजीएल परीक्षा भी रद्द कर दी गई है. सरकार के इस फैसले से अलग-अलग परीक्षाओं के जरिए बहाल हुए 2,628 अभ्यर्थियों की नौकरी गई है. इसके साथ ही जेपीएससी की कई पुरानी परीक्षाओं में गड़बड़ी की आशंका की जांच सीआईडी को सौंपी गई है.
सरकार ने यह फैसला जेपीएससी की परीक्षाओं में गड़बड़ी की शिकायतों को लेकर चल रही सीआईडी जांच में सामने आए तथ्यों के बाद लिया है. सरकार ने परीक्षा व्यवस्था को बदलने और निगरानी मजबूत करने की भी तैयारी शुरू कर दी है.
2,628 नियुक्तियों पर पड़ा सीधा असर
सरकार के फैसले से अलग-अलग परीक्षाओं के जरिए सरकारी नौकरी में पहुंचे 2,628 अभ्यर्थियों की नौकरी गई है. इनमें 11वीं से 13वीं जेपीएससी के जरिए बहाल हुए 342 अफसर, 54 एफआरओ, 63 एसडीपीओ और 237 महिला पर्यवेक्षिकाएं शामिल हैं. इसके अलावा जेएसएससी सीजीएल के जरिए बहाल हुए 1,932 युवाओं की नौकरी भी गई है. यानी सरकार के फैसले का असर सिर्फ परीक्षा दे रहे अभ्यर्थियों पर नहीं पड़ा है, बल्कि पहले से सरकारी विभागों में काम कर रहे लोगों पर भी पड़ा है.
जेपीएससी की कई परीक्षाएं रद्द
सरकार ने जेपीएससी की 8 परीक्षाओं को रद्द कर दिया है. इनमें विश्वविद्यालयों में नॉन-टीचिंग पदों की भर्ती, असिस्टेंट डायरेक्टर और सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर, ड्रग इंस्पेक्टर, इंजीनियरिंग कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर, पॉलिटेक्निक में लेक्चरर और मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती परीक्षाएं शामिल हैं.
इसके अलावा सिविल जज, असिस्टेंट कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट, फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर, असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर और झारखंड संयुक्त सिविल सेवा से जुड़ी कई परीक्षाएं भी रद्द कर दी गई हैं.
फूड सेफ्टी ऑफिसर, चाइल्ड डेवलपमेंट प्रॉजेक्ट ऑफिसर और संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2023 को भी रद्द किया गया है. 6th लिमिटेड डिप्टी कलेक्टर भर्ती और जेईटी 2024 की परीक्षा भी रद्द कर दी गई है.
जेएसएससी सीजीएल भी रद्द
सरकार ने जेएसएससी सीजीएल परीक्षा, विज्ञापन संख्या 10/2023, को भी रद्द कर दिया है. सरकार के आदेश में कहा गया है कि सीजीएल में गड़बड़ी की शिकायत को लेकर बनी एसआईटी की जांच और जेपीएससी मामले में चल रही सीआईडी जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर यह फैसला लिया गया है.
सीजीएल के जरिए नौकरी पाने वाले 1,932 युवा भी इस फैसले से प्रभावित हुए हैं. नौकरी जाने के बाद इन अभ्यर्थियों ने धरना शुरू कर दिया है और सरकार से अपना पक्ष स्पष्ट करने की मांग कर रहे हैं.

17 पुरानी परीक्षाओं की होगी सीआईडी जांच
सरकार ने जेपीएससी की 17 पुरानी परीक्षाओं की भी जांच सीआईडी को सौंप दी है. इन परीक्षाओं में कहीं गड़बड़ी हुई थी या नहीं, अब सीआईडी इसकी जांच करेगी.
जांच के दायरे में 5वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, सिविल जज की अलग-अलग भर्तियां, कृषि विभाग की भर्ती, फूड सेफ्टी ऑफिसर, डेंटिस्ट, संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2016 और 2021 समेत कई परीक्षाएं शामिल हैं.
इसका मतलब है कि सरकार अब सिर्फ हाल की परीक्षाओं की जांच नहीं करा रही है. कई साल पहले हुई परीक्षाओं की फाइल भी दोबारा खोली जा रही है.
6 परीक्षाओं पर फिलहाल रोक
जेपीएससी की 6 अन्य परीक्षाओं को फिलहाल रोक दिया गया है. इन परीक्षाओं के शुरुआती काम में टीडीपीएल के अलावा किसी दूसरी एजेंसी की भूमिका थी. सरकार ने उस एजेंसी की जांच सीआईडी को सौंप दी है.

जांच पूरी होने तक फूड एनालिस्ट, डिप्टी डायरेक्टर प्रॉसिक्यूशन, प्रोजेक्ट मैनेजर, इंस्पेक्टर ऑफ फैक्टरीज, बॉयलर इंस्पेक्टर और डायरेक्टर पद की भर्ती परीक्षाओं का काम आगे नहीं बढ़ेगा.
जेपीएससी-जेएसएससी की परीक्षा व्यवस्था बदलेगी
सरकार अब जेपीएससी और जेएसएससी की पूरी परीक्षा व्यवस्था में सुधार करना चाहती है. इसके लिए आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई जाएगी.
इस कमेटी में दूसरे अधिकारियों के साथ किसी प्रतिष्ठित संस्थान के निदेशक को भी शामिल किया जाएगा. कमेटी को दो महीने के अंदर सरकार को अपनी रिपोर्ट देनी होगी.
इसके अलावा जेपीएससी और जेएसएससी में एक अलग आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ बनाया जाएगा. इसका काम परीक्षा प्रक्रिया पर नजर रखना और गड़बड़ी रोकने की व्यवस्था को मजबूत करना होगा.
गड़बड़ी के मामलों की जल्द सुनवाई होगी
सरकार ने जेपीएससी और जेएसएससी में गड़बड़ी और कदाचार से जुड़े मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का रास्ता भी साफ किया है. इसके लिए झारखंड हाईकोर्ट से फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का अनुरोध किया जाएगा.
कुल मिलाकर सरकार के 18 अगस्त के फैसले से जेपीएससी-जेएसएससी की परीक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव शुरू हो गया है. कई परीक्षाएं रद्द हो चुकी हैं, पुरानी परीक्षाओं की जांच होगी, कुछ परीक्षाओं पर रोक लगाई गई है और आगे की परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए नई कमेटी भी बनाई जाएगी.
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