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    Home»जेपीएससी / जेएसएससी»झारखंड HC जेपीएससी परीक्षा रद्द मामला : याचिकाकर्ता के वकील बोले -परीक्षाएं रद्द करने का कोई आधार नहीं
    जेपीएससी / जेएसएससी

    झारखंड HC जेपीएससी परीक्षा रद्द मामला : याचिकाकर्ता के वकील बोले -परीक्षाएं रद्द करने का कोई आधार नहीं

    joharlive NetworkBy joharlive NetworkOctober 9, 2026Updated:October 9, 2026No Comments2 Mins Read2
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    JPSC
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    झारखंड में जेपीएससी की 22 परीक्षाएं रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर शुक्रवार को भी झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है. जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा और अमृतांश वत्स ने पक्ष रखा. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाईकोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए सरकार के आदेश को रद्द करने की मांग की.

    प्रार्थियों के वकीलों ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार ने 18 अगस्त 2026 को अधिसूचना जारी कर जेपीएससी की कई परीक्षाओं को रद्द कर दिया था. इनमें ऐसी परीक्षाएं भी शामिल हैं, जिनकी नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी या अंतिम चरण में थी. अधिवक्ताओं का तर्क था कि सरकार ने परीक्षाएं रद्द करने के लिए कोई ठोस आधार नहीं दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलनरत छात्रों के दबाव में यह फैसला लिया गया.

    निर्दोष अभ्यर्थियों को भी मिल रही सजा

    सुनवाई के दौरान प्रार्थियों के अधिवक्ताओं ने कहा कि सरकार के फैसले में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन नहीं किया गया. उनके मुताबिक, पूरी नियुक्ति प्रक्रिया रद्द करने के लिए राज्य सरकार के पास पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं. साथ ही, सेवा शर्तों से संबंधित नियमावली के तहत निर्धारित प्रक्रिया का भी पालन नहीं किया गया.

    अधिवक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए दलील दी कि किसी परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका होने पर भी सभी अभ्यर्थियों को एक ही नजर से नहीं देखा जा सकता. ऐसे मामलों में निर्दोष और दोषी अभ्यर्थियों की पहचान कर उन्हें अलग किया जाना चाहिए. केवल गड़बड़ी की आशंका के आधार पर पूरी परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया रद्द करना उचित नहीं है.

    अगली सुनाई 12 अक्टूबर को होगी.

    Case : SAURAV SINGH Versus STATE OF JHARKHAND THROUGH CHIEF SECRETARY, GOVERNMENT OF JHARKHAND (WPC/6450/2026)

    Also Read :  जंतर-मंतर प्रदर्शन: छात्रों पर दर्ज FIR की जांच की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट से खारिज; कोर्ट ने कहा, हम नहीं चाहते छात्र कोर्ट के चक्कर लगाएं

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