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    Home»झारखंड»भीषण गर्मी से बेहाल झारखंड: अर्थिंग सूखने से ट्रांसफार्मर पर मंडराया संकट, जेबीवीएनएल ने रद्द की कर्मियों की छुट्टियां
    झारखंड

    भीषण गर्मी से बेहाल झारखंड: अर्थिंग सूखने से ट्रांसफार्मर पर मंडराया संकट, जेबीवीएनएल ने रद्द की कर्मियों की छुट्टियां

    Team JoharBy Team JoharApril 23, 2026No Comments3 Mins Read1
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    Ranchi:  राज्य में इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी ने न केवल आम जनजीवन को प्रभावित किया है, बल्कि बिजली विभाग की बेचैनी भी बढ़ा दी है। तापमान में बेतहाशा बढ़ोतरी के कारण बिजली के बुनियादी ढांचे पर भी संकट के बादल छा गए हैं। आलम यह है कि पावर सब स्टेशनों की अर्थिंग को बचाए रखने के लिए किए गए बोरिंग सूखने लगे हैं, जिससे ट्रांसफार्मरों के सुरक्षित रहने पर सवाल खड़ा हो गया है।

    राजधानी के प्राइम लोकेशन में स्थित हरमू सब स्टेशन में बीते तीन दिनों से बोरिंग फेल होने के कारण अर्थिंग सूख रही है। पावर सब स्टेशन के कर्मचारियों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो ट्रांसफार्मर क्षमता से अधिक गर्म होकर तकनीकी खराबी का शिकार हो सकते हैं। फिलहाल, वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर बाहर से पानी मंगवाकर अर्थिंग को नम रखने की कोशिश की जा रही है ताकि बड़ी खराबी से बचा जा सके।

    बिजली विभाग के सामने केवल उपकरणों की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि मांग और आपूर्ति का भारी असंतुलन भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। डीवीसी कमांड एरिया को छोड़कर राज्य में बिजली की मांग 2200 मेगावाट तक पहुंच गई है, जिसके मुकाबले जेबीवीएनएल करीब 1900 मेगावाट बिजली ही आपूर्ति कर पा रहा है। इस प्रकार मांग के अनुरूप लगभग 300 मेगावाट बिजली की कमी बनी हुई है, और मंगलवार को राज्य भार प्रेषण केन्द्र में भी 200 मेगावाट की कमी दर्ज की गई। रांची में दिन के समय करीब 500 मेगावाट और पीक ऑवर में 550 मेगावाट बिजली की दरकार है।

    मांग और आपूर्ति के इस अंतर के कारण खूंटी और लोहरदगा जैसे इलाकों में पिछले तीन दिनों से बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। अप्रत्याशित गर्मी के कारण एसी और कूलर का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है, जिससे बिजली तंत्र पर दबाव काफी बढ़ गया है। दिन के समय सोलर और थर्मल पावर से स्थिति किसी तरह संभल जाती है, लेकिन शाम सात बजे से रात 11 बजे तक का पीक ऑवर विभाग के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।

    इस दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखना कठिन होता जा रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जेबीवीएनएल ने अपने सभी फील्ड ऑफिसर्स की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और उन्हें पीक ऑवर के दौरान अपने-अपने सब स्टेशन क्षेत्र में तैनात रहने का सख्त निर्देश दिया है।रांची प्रक्षेत्र के अधीक्षण अभियंता दीनानाथ साहू ने बताया कि गर्मी की वजह से अर्थिंग सूखने के कारण ट्रांसफार्मरों में तकनीकी खामियां आ रही हैं और इनके जलने की शिकायतें भी मिल रही हैं, जिन्हें विभाग प्राथमिकता के आधार पर ठीक कर रहा है।

    उन्होंने कहा कि राजधानी में पर्याप्त बिजली आपूर्ति का प्रयास किया जा रहा है, हालांकि लोकल फाल्ट के कारण कहीं-कहीं आपूर्ति बाधित होती है। उन्होंने आम उपभोक्ताओं से अपील की है कि पीक ऑवर में बिजली की बर्बादी को रोकें। उन्होंने सुझाव दिया कि एसी का उपयोग कम से कम करें और जरूरत के अनुसार ही रोशनी का उपयोग करें, क्योंकि इस समय कमर्शियल और घरेलू दोनों तरह के उपभोक्ताओं का लोड एक साथ बढ़ जाता है। बढ़ते तापमान के साथ बिजली विभाग के लिए भी चुनौतियां बढ़ गई हैं, जिन्हें दूर करने का प्रयास निरंतर जारी है।

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