झारखंड की सियासत में रविवार तड़के शोक की बड़ी खबर सामने आई. सत्तारूढ़ JMM के वरिष्ठ नेता और राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का निधन हो गया. शनिवार देर रात अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें गिरिडीह के मर्सी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां करीब 3:30 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. उनके निधन से JMM को बड़ा झटका लगा है. गिरिडीह के सिविल सर्जन डॉ. बच्चा प्रसाद सिंह ने मंत्री के निधन की पुष्टि की.
सुदिव्य कुमार का निधन पद पर रहते शिक्षा विभाग से जुड़े किसी मंत्री की मौत का राज्य में तीसरा मामला है. इससे पहले झारखंड में स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री जगन्नाथ महतो और रामदास सोरेन का निधन कार्यकाल के दौरान हुआ था.
जगन्नाथ महतो का 6 अप्रैल 2023 को निधन हुआ था. वह लंबे समय तक स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री रहे. कोरोना संक्रमण और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के बाद उनका इलाज चल रहा था.
इसके बाद स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री रामदास सोरेन का 15 अगस्त 2025 को निधन हुआ था. दिल्ली में इलाज के दौरान उनकी मौत हुई थी. सुदिव्य कुमार उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग संभाल रहे थे और उनके निधन के साथ शिक्षा विभाग से जुड़े मंत्रियों के कार्यकाल में मौत का यह तीसरा मामला सामने आया है.
2009 में पहली बार लड़ा चुनाव, 2019 में मिली पहली जीत
सुदिव्य कुमार गिरिडीह विधानसभा सीट से JMM के विधायक थे. उपलब्ध चुनावी रिकॉर्ड के मुताबिक उन्होंने पहली बार 2009 में गिरिडीह से विधानसभा चुनाव लड़ा था. उस चुनाव में उन्हें हार मिली और वह छठे स्थान पर रहे.
साल 2014 में उन्होंने दोबारा JMM के टिकट पर चुनाव लड़ा और इस बार दूसरे स्थान पर रहे. उन्हें भाजपा के निर्भय कुमार शाहाबादी से हार का सामना करना पड़ा.
साल 2019 के विधानसभा चुनाव में सुदिव्य कुमार ने इसी सीट से वापसी की. उन्होंने निर्भय कुमार शाहाबादी को 15 हजार से अधिक मतों के अंतर से हराकर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया. साल 2024 में भी उन्होंने गिरिडीह सीट पर जीत दर्ज की और लगातार दूसरी बार विधायक बने. इस चुनाव में उन्होंने 94,042 वोट हासिल किए और 3,838 मतों के अंतर से जीत दर्ज की.
संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहे
सुदिव्य कुमार को JMM संगठन में लंबे समय से सक्रिय नेता के तौर पर जाना जाता था. उपलब्ध राजनीतिक प्रोफाइलों के मुताबिक उन्होंने करीब तीन दशक पहले पार्टी की राजनीति में सक्रिय भूमिका शुरू की थी. साल 2003 में वह गिरिडीह जिला JMM अध्यक्ष भी बने.
पार्टी संगठन में काम करने के दौरान वह शिबू सोरेन और हेमंत सोरेन के करीबी नेताओं में गिने जाते रहे. 2019 के विधानसभा चुनाव के दौरान JMM की चुनावी रणनीति और सोशल मीडिया अभियान में भी उनकी भूमिका का उल्लेख विभिन्न राजनीतिक प्रोफाइलों में मिलता है.
हेमंत सरकार में संभाली अहम जिम्मेदारियां
साल 2024 में हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद सुदिव्य कुमार को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया. उन्हें उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के साथ शहरी विकास एवं आवास और पर्यटन, कला-संस्कृति, खेल एवं युवा कार्य विभाग की जिम्मेदारी दी गई थी.
गिरिडीह को राजनीतिक रूप से मजबूत करने के साथ-साथ वह क्षेत्र में उच्च शिक्षा और आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाओं को लेकर भी सक्रिय रहे. गिरिडीह में विश्वविद्यालय, मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज तथा सिंचाई परियोजनाओं को लेकर उनकी भूमिका और पहल की चर्चा होती रही.
सुदिव्य कुमार के निधन की खबर इसलिए भी अचानक सामने आई क्योंकि वह शनिवार को देर रात तक सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय थे. 5 सितंबर की रात गिरिडीह में इस्लामिया उर्दू मिडिल स्कूल के शताब्दी समारोह में उन्होंने हिस्सा लिया था और स्कूल में कंप्यूटर सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही थी.
इसके कुछ ही घंटों बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी. उन्हें रात में ही अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी. उनके निधन की खबर सामने आने के बाद JMM कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक की लहर है.
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