झारखंड हाईकोर्ट को बुधवार, 23 सितंबर को तीन नए न्यायाधीश मिले. मुख्य न्यायाधीश महेश शरदचंद्र सोनक ने सुबह 10:15 बजे आयोजित समारोह में मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. तीनों न्यायिक अधिकारी झारखंड सुपीरियर ज्यूडिशियल सर्विस से आते हैं. हाईकोर्ट में नियुक्ति से पहले तीनों प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत थे.
केंद्र सरकार ने 19 सितंबर को तीनों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की थी. इससे पहले 10 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इनके नामों की सिफारिश की थी. राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद केंद्र ने नियुक्ति की अधिसूचना जारी की.
मनोज प्रसाद ने देवघर से शुरू किया न्यायिक सफर
न्यायाधीश मनोज प्रसाद का जन्म 16 नवंबर 1973 को देवघर में हुआ था. उन्होंने पटना कॉलेज से राजनीति विज्ञान में बीए ऑनर्स और दिल्ली यूनिवर्सिटी के कैंपस लॉ सेंटर से एलएलबी की पढ़ाई की. वर्ष 1999 में बिहार स्टेट बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराया.
इसके बाद उन्होंने देवघर जिला अदालत और झारखंड हाईकोर्ट में वकालत की. उन्होंने 4 मई 2012 को झारखंड न्यायिक सेवा में प्रवेश किया और रांची में एडिशनल ज्यूडिशियल कमिश्नर के तौर पर न्यायिक सेवा शुरू की. हाईकोर्ट में नियुक्ति से पहले वे गढ़वा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश थे.
अखिल कुमार ने CBI कोर्ट से हाईकोर्ट प्रशासन तक संभाली जिम्मेदारी
न्यायाधीश अखिल कुमार का जन्म 6 जनवरी 1972 को पटना में हुआ था. उन्होंने पटना कॉलेज से समाजशास्त्र में ऑनर्स और दिल्ली यूनिवर्सिटी के कैंपस लॉ सेंटर से एलएलबी की पढ़ाई की. वर्ष 1999 में अधिवक्ता के रूप में नामांकन के बाद पटना हाईकोर्ट और जिला अदालत में सिविल और क्रिमिनल मामलों की प्रैक्टिस की.
वे 4 मई 2012 को जिला जज के रूप में झारखंड न्यायिक सेवा में आए. न्यायिक सेवा के दौरान उन्होंने रांची में Judicial Commissioner-cum-Special Judge (CBI), गुमला और हजारीबाग में Principal Judge, Family Court जैसी जिम्मेदारियां संभालीं. वे झारखंड हाईकोर्ट में Registrar (Establishment) भी रहे. हाईकोर्ट में नियुक्ति से पहले वे साहिबगंज के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश थे.

राम शर्मा ने न्यायिक सेवा में संभाली कई अहम जिम्मेदारियां
न्यायाधीश राम शर्मा का जन्म 7 जुलाई 1968 को नई दिल्ली में हुआ था. उन्होंने 26 मई 2012 को सीधे जिला जज के रूप में झारखंड न्यायिक सेवा में प्रवेश किया.
न्यायिक सेवा के दौरान उन्होंने प्रधान न्यायाधीश, फैमिली कोर्ट और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जैसे पदों पर जिम्मेदारियां संभालीं. न्यायिक प्रशासन में भी उन्होंने काम किया और झारखंड हाईकोर्ट के State Court Management System (SCMS) में सदस्य सचिव के रूप में जिम्मेदारी निभाई. हाईकोर्ट में नियुक्ति से पहले वे डालटनगंज के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर तैनात थे.
13 से बढ़कर 16 हुई हाईकोर्ट में जजों की संख्या
तीनों नए जजों के शपथ लेने के बाद झारखंड हाईकोर्ट में कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या 13 से बढ़कर 16 हो गई है. हाईकोर्ट में न्यायाधीशों के कुल 25 पद स्वीकृत हैं. यानी तीन नई नियुक्तियों के बाद भी 9 पद खाली हैं.
मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा के पास जिला न्यायपालिका और न्यायिक प्रशासन का लंबा अनुभव है. अब तीनों झारखंड हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे.
Also Read : 2500 से ज्यादा नियुक्तियों पर हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी, कहा-सभी अभ्यर्थी दोषी नहीं, जांच की रफ्तार तेज हो

