Ranchi : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 12वें दिन गुरुवार को विधायक नवीन जायसवाल ने रजिस्ट्री पोर्टल को लेकर गंभीर सवाल उठाए। यह पोर्टल विधायकों को कोऑपरेटिव सोसाइटी के माध्यम से जमीन उपलब्ध कराने के लिए बनाया गया था, लेकिन अभी तक यह शुरू नहीं हो सका है। विधायक नवीन जायसवाल ने कहा कि वित्त मंत्री के आश्वासन के बावजूद तीन दिन बीत जाने के बाद भी रजिस्ट्री पोर्टल शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने सदन में सरकार से जवाब मांगते हुए कहा कि इससे विधायकों को मिलने वाली जमीन की प्रक्रिया लगातार प्रभावित हो रही है।
संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने जवाब में बताया कि रांची के उपायुक्त से इस मामले में बातचीत की गई है। जांच में पता चला कि कोऑपरेटिव सोसाइटी की कुछ जमीनों पर अतिक्रमण हो गया है और कुछ जगहों पर जमीन की बंदोबस्ती भी की जा चुकी है। इसके अलावा रजिस्ट्री प्रक्रिया में तकनीकी दिक्कतें भी सामने आई हैं, जिसके कारण पोर्टल फिलहाल शुरू नहीं हो सका।
मंत्री ने कहा कि पिछले 22-23 वर्षों से विधायकों को कोऑपरेटिव सोसाइटी के माध्यम से जमीन उपलब्ध कराने में समस्या आ रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि राजस्व मंत्री, राजस्व सचिव और रांची के उपायुक्त के साथ बैठक कर जल्द ही स्थिति स्पष्ट की जाएगी और रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू कराने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
इससे पहले विधायक सीपी सिंह ने सोमवार को भी सदन में इस मुद्दे को उठाया था। उन्होंने कहा था कि अधिकारियों से लगातार बातचीत होने के बावजूद रजिस्ट्री के लिए पोर्टल लिंक अभी तक नहीं खोला गया है। संसदीय कार्य मंत्री ने आश्वासन दिया था कि तीन दिनों के भीतर पोर्टल खोल दिया जाएगा, लेकिन यह समय बीत जाने के बाद भी पोर्टल चालू नहीं हुआ। विधायकों के लिए जमीन उपलब्ध कराने वाली यह प्रक्रिया लगातार लंबित रहना सदन में चिंता का विषय बना हुआ है।
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