रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विधानसभा घेराव के बाद देर रात रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री और एसएसपी राकेश रंजन ने संयुक्त प्रेसवार्ता की. इस दौरान जिला प्रशासन ने छात्रों के विधानसभा घेराव को पूरे घटनाक्रम में कैसे बदला गया और रोकथाम के लिए क्या-क्या कदम उठाएं गए इसकी जानकारी दी गई.
छात्रों का प्रदर्शन शांतिपूर्ण, असामाजिक तत्वों ने की माहौल बिगाड़ने की कोशिश
रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि झारखंड के अधिकांश छात्र अनुशासन का पालन करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. प्रशासन ने भी पूरे घटनाक्रम के दौरान पूरी तरह संयम बरता. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में शामिल कुछ शरारती और असामाजिक तत्वों ने पुलिसकर्मियों को उकसाने, गालियां देने और माहौल को तनावपूर्ण बनाने का प्रयास किया. ऐसे में विधि-व्यवस्था बनाए रखने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बहुत ही न्यूनतम बल का प्रयोग करना पड़ा. उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन की ओर से कोई अनावश्यक कार्रवाई नहीं की गई.
पुलिस ने ‘ना के बराबर’ किया बल प्रयोग व 14 पुलिसकर्मी घायल
रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने कहा कि विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस बल ने अत्यधिक धैर्य और संयम का परिचय दिया. उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा ‘ना के बराबर’ बल प्रयोग किया गया.
एसएसपी ने जानकारी दी कि कुछ असामाजिक तत्वों की हरकतों के कारण उपजे तनाव में 14 पुलिसकर्मी चोटिल हुए हैं. इसके बावजूद जवानों ने अपनी ड्यूटी संयम से निभाई और लोकतांत्रिक मर्यादा का ध्यान रखा.
छोटे वीडियो क्लिप से गलत नैरेटिव बनाने की साजिश
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे घटनाक्रम के वीडियो पर चिंता जताते हुए एसएसपी राकेश रंजन ने कहा कि कुछ शरारती तत्व घटना के छोटे-छोटे एडिटेड वीडियो क्लिप शेयर करके एक विशेष नैरेटिव सेट करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इन भ्रामक वीडियो का उद्देश्य छात्रों को भड़काना और वास्तविक घटनाक्रम को गलत तरीके से पेश करना है. एसएसपी ने आम जनता और छात्रों से अपील की कि वे किसी भी अधूरे वीडियो या अफवाहों पर ध्यान न दें और पूरे संदर्भ को समझें.
बाहर से आए छात्रों की सुरक्षित वापसी में मदद करेगा प्रशासन
डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि आंदोलन में भाग लेने के लिए राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में छात्र रांची पहुंचे हैं. यदि किसी भी छात्र को आंदोलन के बाद अपने घर लौटने में कोई कठिनाई हो रही है, तो रांची प्रशासन उन्हें सुरक्षित घर वापस भेजने के लिए हरसंभव सहयोग देगा.
मंगलवार के प्रस्तावित ‘झारखंड बंद’ पर प्रशासन का रुख और स्कूलों का संचालन
प्रस्तावित बंद को लेकर प्रशासन ने अपनी स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है. डीसी ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का सभी को अधिकार है, लेकिन यदि किसी ने हिंसा, तोड़फोड़ या विधि-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास किया, तो पुलिस उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करेगी. बंद के दौरान स्कूलों के संचालन की जिम्मेदारी संबंधित स्कूल प्रबंधन को दी गई है. स्कूल प्रबंधन अपने स्थानीय क्षेत्र की सुरक्षा परिस्थितियों का आकलन कर यह निर्णय लेंगे कि स्कूल खोलना है या बंद रखना है. बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी.

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