रांची. JPSC गड़बड़ी मामले में गिरफ्तार पूर्व चेयरमैन एल. ख्यागते को सोमवार को जेल भेजने से पहले सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मेडिकल जांच कराई गई. मेडिकल जांच पूरी होने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा. इसके बाद अदालत के आदेश पर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी होगी.
एल. ख्यागते की गिरफ्तारी JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच के दौरान CID ने की है. गिरफ्तारी से पहले CID उनसे कई दौर की पूछताछ कर चुकी थी. जांच एजेंसी ने परीक्षा प्रक्रिया, OMR से जुड़ी कथित अनियमितताओं, परीक्षा संचालन और आयोग के स्तर पर लिए गए फैसलों को लेकर उनसे सवाल किए थे.
JPSC गड़बड़ी मामले की जांच के दौरान CID ने एल. ख्यागते के आवास और JPSC कार्यालय में भी कार्रवाई की थी. जांच एजेंसी ने परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों और दूसरे साक्ष्यों को खंगाला था. पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अब पूर्व चेयरमैन को गिरफ्तार किया गया है.
गिरफ्तारी के बाद बढ़ी हलचल
एल. ख्यागते की गिरफ्तारी को JPSC गड़बड़ी मामले में CID की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है. पूर्व चेयरमैन से पूछताछ के दौरान जांच एजेंसी ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े कई पहलुओं को लेकर जानकारी जुटाई. अब गिरफ्तारी के बाद CID आगे की जांच में उनकी भूमिका और मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल करेगी.
मेडिकल जांच के बाद एल. ख्यागते को कोर्ट में पेश किए जाने की तैयारी है. अदालत में CID की ओर से आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यदि जांच एजेंसी रिमांड की मांग करती है, तो अदालत इस पर फैसला करेगी.
छात्रों के आंदोलन के बीच बड़ी कार्रवाई
JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं. सोमवार को छात्रों ने विधानसभा घेराव किया था. परीक्षा में पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन चल रहा है.

ऐसे समय में JPSC के पूर्व चेयरमैन की गिरफ्तारी को जांच की दिशा में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है. अब जांच एजेंसी की आगे की कार्रवाई पर नजर है और यह भी महत्वपूर्ण होगा कि पूछताछ के दौरान कौन-कौन से नए तथ्य सामने आते हैं.
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