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    Home»जोहार ब्रेकिंग»17 दिन से भूख हड़ताल पर सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरे जयराम महतो, बोले- चुप्पी तोड़े सरकार
    जोहार ब्रेकिंग

    17 दिन से भूख हड़ताल पर सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरे जयराम महतो, बोले- चुप्पी तोड़े सरकार

    joharlive NetworkBy joharlive NetworkJuly 15, 2026Updated:July 15, 2026No Comments3 Mins Read5
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    जयराम
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    झारखंड के डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो ने लद्दाख के शिक्षाविद् और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के समर्थन में खुलकर आवाज उठाई है. उन्होंने वांगचुक को एक भावनात्मक पत्र लिखा है और केंद्र सरकार से अपील की है कि अब चुप्पी तोड़कर बातचीत शुरू की जाए. जयराम का कहना है कि लोकतंत्र में हर विवाद का हल बातचीत से निकलता है, इसलिए सरकार को इस आंदोलन को गंभीरता से लेना चाहिए.

    विधायक जयराम महतो कहा कि सोनम वांगचुक पिछले 17 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर हैं. उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही है, लेकिन अब तक सरकार की ओर से बातचीत की कोई ठोस पहल नहीं दिखी है. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का आंदोलन नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य और देश की परीक्षा व्यवस्था से जुड़ा सवाल है.

    अपने पत्र में जयराम महतो ने लिखा कि सोनम वांगचुक ने हमेशा समाज, शिक्षा और पर्यावरण के लिए काम किया है. आज भी वे किसी निजी लाभ के लिए नहीं, बल्कि छात्रों के हित में आवाज उठा रहे हैं. उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी जिस धैर्य और दृढ़ता के साथ वांगचुक आंदोलन कर रहे हैं, वह प्रेरणादायक है. उन्होंने लिखा कि आपकी बिगड़ती सेहत चिंता का विषय है और हम आपके इस त्याग, समर्पण और साहसिक आंदोलन के साथ खड़े हैं.

    NEET पेपर लीक का जिक्र, कहा- लाखों छात्रों का भरोसा टूटा

    जयराम महतो ने अपने पत्र में NEET परीक्षा से जुड़े विवादों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा में पेपर लीक, सॉल्वर गैंग और दूसरी गड़बड़ियों ने पूरे देश को झकझोर दिया. इस वजह से मेहनत करने वाले लाखों छात्रों का भरोसा परीक्षा व्यवस्था से उठने लगा.

    उन्होंने याद दिलाया कि 2024 के NEET-UG पेपर लीक मामले में झारखंड के हजारीबाग स्थित ओएसिस स्कूल का नाम भी सामने आया था. बाद में मामले की जांच CBI को सौंपी गई और कई लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए.

    जयराम महतो ने कहा कि लगातार पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने, दोबारा परीक्षा कराने की अनिश्चितता और सिस्टम पर उठते सवालों ने छात्रों पर भारी मानसिक दबाव डाला. कई छात्रों ने तनाव में आकर खुद को मिटा लिया. कई छात्रों ने सुसाइड नोट में लिखा कि उनमें दोबारा परीक्षा देने की हिम्मत नहीं बची थी. उन्होंने कहा कि देश के लाखों परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए कर्ज तक लेते हैं. ऐसे में जब मेहनत के बाद भी परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते हैं तो सबसे ज्यादा नुकसान ईमानदारी से तैयारी करने वाले छात्रों का होता है.

    सरकार से की जल्द पहल की अपील

    पत्र के आखिर में जयराम महतो ने केंद्र सरकार से अपील की कि छात्र हित में चल रहे इस शांतिपूर्ण आंदोलन को गंभीरता से लिया जाए. उन्होंने कहा कि सरकार और आंदोलनकारियों के बीच जल्द बातचीत शुरू होनी चाहिए ताकि इस पूरे विवाद का पारदर्शी और स्थायी समाधान निकल सके. उन्होंने कहा कि छात्रों का भरोसा बनाए रखना किसी भी सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है. इसलिए समय रहते पहल करना जरूरी है.

    Also Read : झारखंड के नेता ने हिला दी महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार की कुर्सी, आखिर कौन हैं वो?

    17 दिन से भूख हड़ताल पर सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरे जयराम महतो hunger strike 17 days; says government break silence Jairam Mahto support Sonam Wangchuk बोले- चुप्पी तोड़े सरकार
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