Ranchi : झारखंड में पिछले दो महीने से करीब 13 लाख लाभुकों को टेक होम राशन (टीएचआर) नहीं मिल रहा है। कई जिलों में यह आपूर्ति तीन से चार महीने से भी बंद है। इसकी वजह पुराने आपूर्तिकर्ता का अनुबंध खत्म होना और नए टेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं होना बताया जा रहा है।
टेक होम राशन योजना के तहत राज्य में गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चों को पोषण आहार दिया जाता है। इस योजना के अंतर्गत 1 लाख 66 हजार से अधिक गर्भवती महिलाएं, 1 लाख 17 हजार से ज्यादा धात्री महिलाएं और करीब 10.5 लाख छोटे बच्चे लाभुक हैं।
राशन की आपूर्ति बंद होने से आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों और महिलाओं को पोषाहार नहीं मिल पा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस स्थिति को गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। सबसे अधिक परेशानी गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को हो रही है, जिन्हें अतिरिक्त पोषण की जरूरत होती है।
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 के अनुसार झारखंड में कुपोषण अब भी बड़ी समस्या है। राज्य में पांच वर्ष से कम उम्र के करीब 39.6 प्रतिशत बच्चे बौनेपन के शिकार हैं। वहीं 22 प्रतिशत बच्चे उम्र के अनुसार कम वजन वाले हैं और 67.5 प्रतिशत बच्चों में एनीमिया पाया गया है।
सरकार ने टेक होम राशन की आपूर्ति फिर से शुरू करने का फैसला लिया है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद पुराने तीन आपूर्तिकर्ताओं को अगले नौ महीने तक राशन आपूर्ति की जिम्मेदारी दी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार 20 जनवरी के बाद टेक होम राशन की आपूर्ति दोबारा शुरू होने की संभावना है।
टेक होम राशन में दाल, मूंगफली, गुड़ और स्थानीय अनाज से बना फोर्टिफाइड सूखा राशन दिया जाता है, जिसे लाभुक घर ले जाकर उपयोग करते हैं। इसका उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के पोषण स्तर में सुधार करना है।
इसके साथ ही सरकार ने 14 से 18 वर्ष की कुपोषित किशोरियों को भी टेक होम राशन देने का निर्णय लिया है। इनकी संख्या करीब 1.5 लाख बताई जा रही है। नए साल के पहले महीने में इसकी आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है।


