Hazaribagh : हजारीबाग के उरीमारी ओपी क्षेत्र में पुलिस ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीएसपीसी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 उग्रवादियों को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में सुनिल मुंडा, विरेन्द्र मुंडा, सुरेन्द्र मुंडा, लालमोहन मुंडा, अनिल मुंडा, रविन्द्र गंझू उर्फ रिंकु, सत्येन्द्र गंझू उर्फ सन्तु और संजय मुंडा शामिल हैं। सभी आरोपी लातेहार और रांची जिले के निवासी हैं। सभी आरोपी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे। पुलिस की सतर्कता से एक बड़ी वारदात टल गई। पुलिस को 21 मार्च को गुप्त सूचना मिली थी कि कोलियरी क्षेत्र में कुछ उग्रवादी एकत्र होकर आपराधिक साजिश रच रहे हैं। सूचना मिलते ही एसपी अंजनी अंजन के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने आसवा और गुडकुवा गांव के पास घेराबंदी शुरू की।
इसी दौरान उरेज की ओर से आ रही एक सफेद बोलेरो गाड़ी को पुलिस ने रुकने का इशारा किया, लेकिन चालक गाड़ी घुमाकर भागने लगा। पुलिस ने पीछा किया, इसी क्रम में तेज रफ्तार बोलेरो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पुल और पेड़ से टकरा गई। हादसे के बाद वाहन सवार लोग भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन पुलिस टीम ने चारों ओर से घेरकर सभी को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान दो आरोपियों के पास इंसास राइफल मिली। इसके बाद सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि सभी आरोपी टीएसपीसी के जोनल कमांडर भीखन गंझू और सब जोनल कमांडर दिनेश उर्फ रवि राम के संपर्क में थे। ये लोग लातेहार, रांची, रामगढ़, चतरा और हजारीबाग में संगठन को सक्रिय करने के साथ लेवी वसूली और दहशत फैलाने का काम कर रहे थे। पतरातु के सरैया में हाल ही में हुई फायरिंग की घटना में भी इनकी संलिप्तता सामने आई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 2 इंसास राइफल, 1 देशी पिस्टल और विभिन्न बोर की 170 से अधिक गोलियां बरामद की हैं। इसके अलावा एक बोलेरो वाहन और 7 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
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