Chatra : चतरा जिले के कान्हाचट्टी प्रखंड में स्थित हरि ओखर जलप्रपात इन दिनों पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण बन गया है। जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर पहाड़ों और घने जंगलों के बीच बसा यह झरना अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है।
हरि ओखर जलप्रपात का सबसे बड़ा आकर्षण इसका विशाल और गहरा प्राकृतिक कुंड है। स्थानीय भाषा में ‘ओखर’ का मतलब पत्थरों के बीच बना गहरा कुंड होता है। ऊपर से गिरती जलधारा जब पत्थरों से टकराती है तो विशेष ध्वनि उत्पन्न होती है, जो पर्यटकों को अलग अनुभव देती है। कुंड का पानी इतना स्वच्छ है कि तल में पड़े पत्थर साफ दिखाई देते हैं। यहाँ दुर्लभ मछलियों की प्रजातियां भी पाई जाती हैं।
सुबह की धूप में जलधारा पर पड़ती किरणें पानी की बूँदों को शतरंज की बिसात की तरह चमकाती हैं, जो पर्यटकों को सबसे ज्यादा आकर्षित करती हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, ‘हरि’ शब्द भगवान विष्णु का प्रतीक है और प्राचीन काल में यहां ऋषि-मुनि साधना किया करते थे।
सुरक्षा के इंतजाम भी किए गए हैं। नया साल और मकर संक्रांति पर आने वाली भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और स्थानीय गोताखोर तैनात किए गए हैं। फिसलन और गहरे कुंड के कारण लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
हालांकि, प्राकृतिक सुंदरता के बावजूद हरि ओखर अभी भी सरकारी उपेक्षा का शिकार है। यहां पहुंचने के लिए बेहतर सड़क, शेड और बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता है।


