Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • पब्लिक रिपोर्ट
    • अन्य
    Johar LIVE
    Home»झारखंड»पलायन से आत्मनिर्भरता तक: सुहागिनी दीदी की खेती ने लिखी सफलता की कहानी
    झारखंड

    पलायन से आत्मनिर्भरता तक: सुहागिनी दीदी की खेती ने लिखी सफलता की कहानी

    Muskan ChoudharyBy Muskan ChoudharyApril 5, 2026No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    सुहागिनी दीदी
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    Pakur (Mitthu Yadav) : महेशपुर प्रखंड के सीतारामपुर गांव की रहने वाली सुहागिनी दीदी आज ग्रामीण महिलाओं और किसानों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। कभी रोजगार के लिए पलायन करने को मजबूर रहने वाली सुहागिनी ने अब अपनी मेहनत और आधुनिक खेती के जरिए आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख दी है।

    समूह से जुड़कर बदली जिंदगी

    सुहागिनी दीदी की यह यात्रा वर्ष 2016 में सूरजमुखी आजीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के साथ शुरू हुई। इसके बाद जेआईसीए परियोजना के तहत उन्हें आधुनिक खेती की तकनीकों का प्रशिक्षण मिला, जिसने उनके जीवन को नई दिशा दी।

    आधुनिक संसाधनों से मिली मजबूती

    परियोजना के तहत उन्हें ड्रिप इरिगेशन (सूक्ष्म टपक सिंचाई), वर्मी कंपोस्ट यूनिट और पॉली नर्सरी हाउस जैसे संसाधन मिले। इनके इस्तेमाल से उन्होंने कम लागत में ज्यादा उत्पादन की राह पकड़ी।

    बैंगन की खेती से मिली पहली सफलता

    सुहागिनी दीदी ने सबसे पहले बैंगन की खेती शुरू की। टपक सिंचाई तकनीक अपनाने से उन्हें करीब 30,000 रुपये की आय हुई।
    यह उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला पहला बड़ा कदम साबित हुआ।

    केले की खेती ने बदली आर्थिक स्थिति

    इसके बाद उन्होंने 25 डिसमिल जमीन पर जी-9 किस्म के केले की खेती की। करीब 24 क्विंटल उत्पादन हुआ, जिसे मुरारई और स्थानीय बाजार में बेचा गया। इससे उन्हें करीब 67,200 रुपये की आय हुई, जिसने उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर दिया।

    अब बड़े स्तर पर खेती का लक्ष्य

    वर्तमान में सुहागिनी दीदी कृषि और उद्यान विभाग के सहयोग से अपनी खेती का विस्तार कर रही हैं। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत उन्हें 1 एकड़ के लिए ड्रिप सिस्टम और मल्चिंग प्लास्टिक मिला है। आने वाले समय में वे बड़े पैमाने पर बैंगन की खेती करने की तैयारी में हैं।

    दूसरों के लिए बनीं प्रेरणा

    आज सुहागिनी दीदी खुद आत्मनिर्भर हैं और अपने इलाके के किसानों को भी आधुनिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। वे बताती हैं कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से खेती भी अच्छा रोजगार बन सकती है।

    प्रशासन और जेएसएलपीएस को दिया श्रेय

    सुहागिनी दीदी ने अपनी सफलता का श्रेय जिला प्रशासन और जेएसएलपीएस को दिया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण और सहयोग के बिना यह संभव नहीं था।

    Also Read : चलते-चलते धधक उठी गाड़ी, साहिबगंज में ड्राइवर और खलासी ने कूदकर जान बचाई

    agriculture success story India banana farming Jharkhand brinjal farming success drip irrigation success farmer income growth inspiring story JSLPS Jharkhand Latest news Pakur woman farmer success rural development rural entrepreneurship India Today News Trending News women empowerment farming
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleचलते-चलते धधक उठी गाड़ी, साहिबगंज में ड्राइवर और खलासी ने कूदकर जान बचाई
    Next Article झारखंड में 6 अप्रैल से मॉर्निंग कोर्ट, हाईकोर्ट के आदेश पर बदला समय

    Related Posts

    झारखंड

    झारखंड प्रशासनिक सेवा के 88 अधिकारियों का एक साथ तबादला… देखें लिस्ट

    June 17, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    रांची पुलिस की अपील- विदेशी नंबरों से रंगदारी मांगने वालों से रहें सावधान

    June 17, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    लातेहार में पुलिस ड्यूटी मीट 2026 का आगाज, डीआईजी बोले- तकनीकी रूप से दक्ष बनाना जरूरी

    June 17, 2026
    Latest Posts

    झारखंड प्रशासनिक सेवा के 88 अधिकारियों का एक साथ तबादला… देखें लिस्ट

    June 17, 2026

    रांची पुलिस की अपील- विदेशी नंबरों से रंगदारी मांगने वालों से रहें सावधान

    June 17, 2026

    लातेहार में पुलिस ड्यूटी मीट 2026 का आगाज, डीआईजी बोले- तकनीकी रूप से दक्ष बनाना जरूरी

    June 17, 2026

    सीएम हेमंत के विजन से बदली किस्मत, झारखंड की महिलाओं और किसानों को मिला लंदन-दुबई का बाजार

    June 17, 2026

    बंद घर का ताला तोड़ उड़ा डाले पांच लाख के जेवर, केदारनाथ यात्रा पर गया परिवार

    June 17, 2026

    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.