Johar Live Desk : अमेरिका में कुख्यात यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन से संबंधित हजारों अतिरिक्त फाइलें सार्वजनिक की हैं। इन फाइलों में एक कथित पत्र भी शामिल था, जिसने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी।
इस पत्र में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम जोड़कर आपत्तिजनक संदर्भ होने का दावा किया गया था। हालांकि, कुछ ही घंटों के भीतर अमेरिकी न्याय विभाग ने साफ कर दिया कि यह पत्र फर्जी है। विभाग ने कहा कि इस दस्तावेज में किए गए दावे तथ्य पर आधारित नहीं हैं और इसे प्रमाणिक नहीं माना जाना चाहिए।
न्याय विभाग ने चेतावनी दी कि किसी भी दस्तावेज के सार्वजनिक होने का मतलब यह नहीं होता कि उसमें लिखी हर बात सच है। बिना जांच-पड़ताल के ऐसे कागजों पर भरोसा करने से भ्रम फैल सकता है।
न्याय विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून के तहत जरूरी सभी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाते रहेंगे, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि हर आरोप या दावा सही हो।
बताया गया कि यह कथित पत्र अगस्त 2019 का बताया जा रहा था, जब जेफरी एपस्टीन जेल में बंद था। पत्र लैरी नासर के नाम लिखा होने का दावा किया गया, जो अमेरिका की महिला जिमनास्टिक टीम का पूर्व डॉक्टर था और गंभीर यौन अपराधों के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है। पत्र में कुछ प्रभावशाली लोगों का जिक्र किया गया था, जिसके कारण मामला सुर्खियों में आ गया।
जेफरी एपस्टीन पर नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के गंभीर आरोप थे और 2019 में न्यूयॉर्क की जेल में उसकी मौत हो गई थी। वहीं, लैरी नासर को 2017 में दोषी ठहराया गया था और उस पर इलाज के नाम पर यौन शोषण के आरोप साबित हुए थे।
न्याय विभाग ने एक बार फिर दोहराया है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने से पहले उसकी सच्चाई की जांच करना जरूरी है।
Also Read : निर्माणाधीन एथनॉल प्लांट से मजदूर का श’व बरामद


