Dhanbad : धनबाद से एक अच्छी खबर सामने आई है। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) की नई कैशबैक ई-ऑक्शन योजना ने बाजार में धमाल मचा दिया है। 18 से 20 मार्च के बीच शुरू हुई इस स्कीम को खरीदारों का जबरदस्त समर्थन मिला है और कंपनी के इतिहास में पहली बार बिडिंग का आंकड़ा इतनी तेजी से बढ़ा है।
रिकॉर्ड बिडिंग, लाखों टन कोयले की बुकिंग
हालिया ई-ऑक्शन में बीसीसीएल ने 22.5 लाख टन कोयले का ऑफर दिया था। इसमें से करीब 7.5 लाख टन कोयले की सफल बुकिंग हो चुकी है। पहले जहां ई-ऑक्शन में बिडिंग महज 1 से 2 लाख टन तक सिमट जाती थी, वहीं इस बार कैशबैक ऑफर के चलते यह आंकड़ा 22 लाख टन के पार पहुंच गया।
स्टॉक कम करने की दिशा में बड़ा कदम
बीसीसीएल के पास फिलहाल बड़ी मात्रा में कोयला स्टॉक में पड़ा हुआ है। इस स्टॉक को तेजी से निकालने के लिए ही यह कैशबैक स्कीम लाई गई है। खरीदारों के इस उत्साह से प्रबंधन काफी खुश है और आने वाले समय में करोड़ों के राजस्व की उम्मीद जताई जा रही है।
क्या है कैशबैक ई-ऑक्शन योजना
इस स्कीम के तहत सफल बोलीदाताओं को तय शर्तों के अनुसार कैशबैक दिया जा रहा है, जिससे कोयले की वास्तविक कीमत कम हो जाती है। यही वजह है कि इस बार छोटे से लेकर बड़े खरीदार तक बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
कैशबैक का स्ट्रक्चर कुछ इस तरह है:
- 500 से 4,000 टन: ₹100 प्रति टन
- 4,001 से 12,000 टन: ₹200 प्रति टन
- 12,001 से 20,000 टन: ₹300 प्रति टन
- 20,001 से 40,000 टन: ₹400 प्रति टन
- 40,001 से 80,000 टन: ₹500 प्रति टन
- 80,000 टन से ज्यादा: ₹600 प्रति टन
अगले दौर की भी तैयारी, फिर मिलेगा मौका
जो खरीदार इस बार मौका चूक गए हैं, उनके लिए बीसीसीएल ने अगला शेड्यूल भी जारी कर दिया है। 31 मार्च और 2 अप्रैल को फिर से कैशबैक ऑफर के साथ नई ई-ऑक्शन प्रक्रिया शुरू होगी।
डिस्पैच बढ़ेगा, खदानों में बनेगा स्पेस
विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना से न सिर्फ बीसीसीएल का टर्नओवर बढ़ेगा, बल्कि खदानों के पास जमा कोयले का स्टॉक भी तेजी से कम होगा। इससे मानसून से पहले खदानों में पर्याप्त जगह बनेगी और उत्पादन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
कंपनी के लिए बड़ी उपलब्धि
कुल मिलाकर देखा जाए तो बीसीसीएल की यह रणनीति कामयाब होती नजर आ रही है। कैशबैक स्कीम ने न सिर्फ बाजार में मांग बढ़ाई है, बल्कि कंपनी को एक बड़ा आर्थिक फायदा भी दिलाने की राह खोल दी है।
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