Bokaro : बोकारो डीसी अजय नाथ झा की अध्यक्षता में जिले के निजी विद्यालयों के प्राचार्यों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता, पारदर्शिता, जवाबदेही और विद्यार्थियों के समग्र विकास पर चर्चा हुई। जिला शिक्षा पदाधिकारी जगरनाथ लोहरा और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे।
फीस माफी और वेलफेयर कमेटी का गठन
डीसी अजय नाथ झा ने निर्देश दिया कि हर निजी विद्यालय में फीस माफी और आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावकों की समस्याओं के निपटान के लिए वेलफेयर कमेटी बनाई जाए। इस कमेटी में विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक और अभिभावक प्रतिनिधि शामिल होंगे। साथ ही जिला स्तर पर भी उप विकास आयुक्त श्रीमती शताब्दी मजूमदार की अध्यक्षता में जिला वेलफेयर कमेटी गठित की जाएगी। कमेटी आवेदनों की गोपनीयता और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करेगी। डीसी ने कहा कि किसी भी अभिभावक के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।
शिक्षकों और स्टाफ के साथ सम्मानजनक व्यवहार
निजी विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया गया कि शिक्षक, सहायक कर्मचारी और सफाई कर्मियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए। सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित करना प्रबंधन की जिम्मेदारी है। संतुष्ट और सुरक्षित शिक्षक ही विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे सकते हैं।
सीनियर छात्रों के लिए कैरियर काउंसलिंग
कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए नियमित कैरियर काउंसलिंग सत्र आयोजित किए जाने का निर्देश दिया गया। इन सत्रों में प्रतियोगी परीक्षाओं, व्यावसायिक पाठ्यक्रमों, स्किल डेवलपमेंट और उच्च शिक्षा विकल्पों की जानकारी दी जाएगी। विशेषज्ञ काउंसलर, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और सफल पूर्व छात्र इन सत्रों में मार्गदर्शन देंगे।
आरटीई के तहत पारदर्शी नामांकन
डीसी अजय नाथ झा ने कहा कि राइट टू एजुकेशन एक्ट के तहत 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर नामांकन पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया से किया जाए। किसी प्रकार की अनियमितता या भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी नियमित निरीक्षण कर प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।
पुस्तकों और यूनिफॉर्म की जानकारी ऑनलाइन
विद्यालयों को निर्देश दिया गया कि शैक्षणिक सत्र शुरू होने से कम से कम 15 दिन पहले पुस्तकों की सूची और यूनिफॉर्म मॉड्यूल अपनी वेबसाइट पर अपलोड करें। इससे अभिभावक अपनी सुविधा अनुसार सामग्री खरीद सकेंगे और आर्थिक बोझ कम होगा।
नियमित पीटीएम और अभिभावक संवाद
विद्यालयों में समय-समय पर पैरेंट्स-टीचर मीटिंग आयोजित करने का निर्देश दिया गया। इससे अभिभावक अपनी समस्याएं और सुझाव सीधे प्राचार्य के सामने रख सकेंगे। उपायुक्त ने कहा कि विद्यालय और अभिभावक के बीच संवाद विद्यार्थियों की प्रगति का आधार है।
छात्रवृत्ति योजनाओं में निबंधन
निजी विद्यालयों को सरकारी छात्रवृत्ति योजनाओं में निबंधन कराना अनिवार्य किया गया। प्री-मैट्रिक, पोस्ट-मैट्रिक और गुरुजी क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों को दिलाना विद्यालय प्रबंधन की जिम्मेदारी होगी।
नशा मुक्ति और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता
विद्यालयों में नशा मुक्ति अभियान, यौन उत्पीड़न रोकथाम और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता विषयक कार्यशालाएं नियमित रूप से आयोजित करने का निर्देश दिया गया। सुरक्षित और संवेदनशील वातावरण विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए जरूरी है।
सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस का भ्रमण
उपायुक्त ने निजी स्कूलों के प्राचार्यों और शिक्षकों को सुझाव दिया कि वे जिले में संचालित सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस का भ्रमण करें और वहां की श्रेष्ठ प्रथाओं को अपनाएं। इससे विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और प्रबंधन में सुधार होगा।

कोचिंग संस्थानों पर सख्ती और फीस संरचना
विद्यालय अवधि में संचालित कोचिंग संस्थानों पर सख्त निगरानी की जाएगी ताकि नियमित कक्षाओं का समय प्रभावित न हो। इसके साथ ही निजी विद्यालय अपनी फीस संरचना में पारदर्शिता और एकरूपता लाने के लिए सुझाव शिक्षा विभाग को भेजेंगे।
बैठक के अंत में डीसी अजय नाथ झा ने सभी निजी विद्यालयों से अपेक्षा जताई कि वे दिए गए निर्देशों का गंभीरता से पालन करें। उनका कहना था कि गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी, सुरक्षित और समावेशी शिक्षा व्यवस्था स्थापित करने के लिए प्रशासन, विद्यालय और अभिभावक तीनों का सहयोग जरूरी है।
बैठक में दिल्ली पब्लिक स्कूल, चिन्मया विद्यालय, डीएवी पब्लिक स्कूल, एमजीएम हायर सेकेंडरी स्कूल और श्री अयप्पा पब्लिक स्कूल के प्राचार्य एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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