New Delhi : कांग्रेस ने एक बार फिर वोट चोरी के आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान लाखों वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। कांग्रेस के अनुसार तमिलनाडु, राजस्थान और मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा नाम काटे गए हैं।
कांग्रेस सूत्रों का दावा है कि तमिलनाडु में करीब 97 लाख से ज्यादा वोटरों के नाम हटाए गए, जिससे राज्य में कुल वोटरों की संख्या करीब 15 प्रतिशत घट गई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि इनमें प्रवासी मजदूर, बुजुर्ग और नए वोटर भी शामिल हो सकते हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। मध्य प्रदेश में लगभग 40 लाख और राजस्थान में करीब 41.85 लाख वोटरों के नाम हटाए जाने का दावा किया गया है। कांग्रेस का आरोप है कि कई मामलों में वोटरों को कोई सूचना भी नहीं दी गई। पार्टी का कहना है कि यह प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं है और इससे लोकतंत्र को नुकसान पहुंच रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वे घर-घर जाकर वोटर लिस्ट की जांच करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी योग्य नागरिक का नाम गलत तरीके से न हटे। पार्टी ने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट में कटौती एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश है। कांग्रेस ने पहले भी बिहार और उत्तर प्रदेश में वोटरों की संख्या घटने को लेकर सवाल उठाए थे। पार्टी का कहना है कि वह वोटरों के अधिकार की रक्षा के लिए देशभर में इस मुद्दे को उठाती रहेगी।
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