Ranchi : राजधानी रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में मंगलवार को तीन दिवसीय झारखंड कृषि व्यापार मेला-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में सीएम हेमंत सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर राज्यभर से आए किसान, कृषि वैज्ञानिक, शोधकर्ता और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभागी एक मंच पर जुटे। मुख्यमंत्री ने कृषि व्यापार मेला-2026 के लोगो का लोकार्पण किया और कई महत्वपूर्ण योजनाओं की सौगात किसानों को दी।
किसानों और कृषि वैज्ञानिकों का हुआ संगम
16 से 18 जून तक चलने वाले इस मेले में राज्य के प्रगतिशील किसानों, कृषि विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों की भागीदारी देखने को मिल रही है। मेले में सरकारी और निजी क्षेत्र के करीब 200 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां कृषि क्षेत्र की नई तकनीकों, नवाचारों और आधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन किया जा रहा है। विभिन्न विषयों पर आयोजित सेमिनारों के माध्यम से किसानों को आधुनिक खेती की जानकारी भी दी जाएगी।
टाना भगत परिवारों और किसानों को मिला लाभ
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने टाना भगत परिवारों को चार दुधारू पशुओं के लिए शेड निर्माण हेतु शत-प्रतिशत अनुदान की राशि प्रदान की। इसके अलावा राज्य के उत्कृष्ट किसानों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। विभिन्न जिलों के कृषि कार्यालयों में पशु चिकित्सक और अनुसेवक पदों पर नियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। साथ ही 209 लोगों को डिजिटल एआई किट भी वितरित की गई।

जल संकट को लेकर मुख्यमंत्री ने जताई चिंता
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड की लगभग 80 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर है। लेकिन जलवायु परिवर्तन के कारण खेती पर लगातार नकारात्मक असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पीने और सिंचाई के पानी का गंभीर संकट पैदा हो सकता है। मुख्यमंत्री ने किसानों से जल संरक्षण पर विशेष ध्यान देने की अपील करते हुए कहा कि भूजल का लगातार दोहन हो रहा है, लेकिन उसका पुनर्भरण नहीं किया जा रहा है। उन्होंने खेतों और बंजर जमीनों पर जल संचयन की व्यवस्था विकसित करने का आह्वान किया।
विकास और पर्यावरण में संतुलन जरूरी
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि सड़कों और उद्योगों के विस्तार के नाम पर वर्षों पुराने जंगलों को काटा जा रहा है, जिससे पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ रहा है। उन्होंने कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन इसके साथ प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पेड़, पानी और हरियाली सुरक्षित रहेंगे तभी इंसान और पशुधन का भविष्य भी सुरक्षित रहेगा।

बिरसा हरित ग्राम योजना की वैश्विक पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की बिरसा हरित ग्राम योजना अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रही है। उन्होंने बताया कि सिमडेगा जिले की जेएसएलपीएस से जुड़ी महिलाओं द्वारा बागवानी के माध्यम से उत्पादित आम अब लंदन तक निर्यात हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत अब तक लगभग 1.50 लाख एकड़ बंजर भूमि पर फलदार पौधे लगाए जा चुके हैं, जिसका लाभ किसानों को मिलने लगा है।
जैविक खेती अपनाने की अपील
हेमंत सोरेन ने किसानों से रासायनिक खाद और जहरीले पदार्थों के उपयोग को कम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अधिक रासायनिक खाद के इस्तेमाल से न केवल मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है और किसानों को इसके लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
उत्कृष्ट किसानों को मिलेगा मुख्यमंत्री सम्मान
मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को निर्देश दिया कि राज्य के आधुनिक और प्रगतिशील किसानों की पहचान कर उनकी मैपिंग की जाए। बेहतर कार्य करने वाले किसानों को मुख्यमंत्री सम्मान दिया जाएगा और उन्हें आधुनिक तकनीकी उपकरण उपलब्ध कराने के लिए आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।

किसानों के लिए बनेगा विशेष डिजिटल पोर्टल
मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को निर्देश दिया कि किसानों की समस्याओं, सुझावों और सवालों के त्वरित समाधान के लिए एक विशेष डिजिटल पोर्टल तैयार किया जाए। इस पोर्टल के माध्यम से किसान सीधे अपनी समस्याएं दर्ज कर सकेंगे और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे।
“सरकार और किसान मिलकर बदलेंगे झारखंड की तस्वीर”
सीएम ने कहा कि कृषि क्षेत्र के विकास के लिए सरकार और किसानों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा, “आधी जिम्मेदारी सरकार उठाएगी और आधी जिम्मेदारी किसानों को उठानी होगी। जब दोनों मिलकर प्रयास करेंगे तो झारखंड के किसानों को कोई हरा नहीं सकता।” कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने कृषि व्यापार मेले में लगे विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण किया और बिरसा कृषि रथ-2026 को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, महिला एवं बाल विकास मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, विधायक सुरेश कुमार बैठा, बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस.सी. दुबे, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद, कृषि विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीक सहित बड़ी संख्या में किसान, अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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