New Delhi/Dhanbad : केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) मुख्यालय ने कोयलांचल क्षेत्र में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर बड़ा कदम उठाया है। मुख्यालय ने बीसीसीएल धनबाद इकाई में ट्रांसफर-पोस्टिंग में गड़बड़ी और वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों के बाद सख्त कार्रवाई करते हुए तीन इंस्पेक्टर समेत कुल 9 अधिकारियों और जवानों का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया है। यह कार्रवाई CISF की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत की गई है। सूत्रों के अनुसार, कुछ अधिकारियों की कार्यशैली और संदिग्ध गतिविधियों को लेकर मुख्यालय को लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद जांच शुरू की गई, जिसमें कई तरह की अनियमितताओं के संकेत मिले। इसी के आधार पर यह प्रशासनिक फेरबदल किया गया है।
इन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई
कार्रवाई के तहत इंस्पेक्टर महावीर सिंह और इंस्पेक्टर जमुना लाल मीणा को रिजर्व बटालियन रांची भेजा गया है, जबकि इंस्पेक्टर नीलमणि मिश्रा का तबादला एनसीएल सिंगरौली किया गया है। इसके अलावा सब-इंस्पेक्टर सुमित सोनी को सीसीएल करगली, एएसआई यशपाल को आईओसी बरौनी, एएसआई बृजभूषण तिवारी को एनटीपीसी हजारीबाग, एएसआई नयन कुमार सिंह को ऊर्जा निगम, एएसआई योगेन्द्र शरण को टंडवा और हेड कांस्टेबल विजय कुमार सिंह को शक्तिनगर इकाई भेजा गया है।
अवैध खनन पर भी कसा शिकंजा
CISF मुख्यालय ने सिर्फ तबादले तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी है, बल्कि कोयला तस्करी और अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए भी बड़ा फैसला लिया है। बीसीसीएल धनबाद, सीसीएल करगली समेत सभी कोल सेक्टर इकाइयों को खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 (MMDR Act) का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है। अब CISF के अधिकारियों और जवानों को यह अधिकार दिया गया है कि वे अवैध खनन या कोयला तस्करी के मामलों में सीधे कार्रवाई कर सकें। यानी अब उन्हें स्थानीय पुलिस के आने या कार्रवाई का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वे खुद आरोपियों को पकड़कर सीधे अदालत में पेश कर सकेंगे।
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