Ranchi : झारखंड में कथित ट्रेजरी घोटाले को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले में राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद आदित्य प्रसाद साहू ने सोमवार को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। आदित्य साहू ने कहा कि राज्य के अलग-अलग जिलों से ट्रेजरी के जरिए करोड़ों रुपये की कथित अवैध निकासी की जो बातें सामने आ रही हैं, वे बेहद गंभीर हैं। उनका कहना है कि यह मामला संयुक्त बिहार के चर्चित पशुपालन घोटाले जैसी स्थिति की याद दिलाता है और इसकी गहराई उससे भी ज्यादा हो सकती है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि महालेखाकार (सीएजी) की रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। उनके मुताबिक, मामला सिर्फ निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित नहीं दिखता, बल्कि इसमें सिस्टम से जुड़े बड़े और प्रभावशाली लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। भाजपा ने राज्य सरकार की मौजूदा कार्रवाई पर भी सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का आरोप है कि सरकार सिर्फ औपचारिक कार्रवाई कर मामले को सीमित दायरे में रखने की कोशिश कर रही है। कुछ कर्मचारियों या पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई दिखाकर असली जिम्मेदारों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में भाजपा ने श्वेत पत्र जारी करने की मांग करते हुए पूछा है कि किन-किन जिलों में कितनी राशि की अवैध निकासी हुई, सीएजी ने किन अनियमितताओं की ओर इशारा किया और अब तक किन अधिकारियों पर क्या कार्रवाई हुई। इसके अलावा आदित्य साहू ने सरकार से पांच अहम सवालों के जवाब भी मांगे हैं। इनमें दर्ज मामलों की जांच की प्रगति, ई-कुबेर पोर्टल में कथित गड़बड़ी, डीडीओ और ट्रेजरी अधिकारियों की भूमिका, ऑडिट सिस्टम की जवाबदेही और जांच समितियों की समयसीमा जैसे मुद्दे शामिल हैं।
भाजपा का कहना है कि जिन अधिकारियों पर वित्तीय निगरानी और ऑडिट की जिम्मेदारी थी, वही अब संदेह के घेरे में हैं। ऐसे में सिर्फ “जांच चल रही है” कह देना पर्याप्त नहीं है। पार्टी ने मांग की है कि राज्य सरकार जल्द सीबीआई जांच की अनुशंसा करे, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
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