Bokaro : बोकारो के समाहरणालय सभागार में शुक्रवार को नगर पालिका आम निर्वाचन 2026 को लेकर बड़ी बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीसी अजय नाथ झा ने की। साफ संदेश था, चुनाव शांतिपूर्ण हो, निष्पक्ष हो और कहीं से कोई गड़बड़ी की गुंजाइश न बचे। बैठक में एसपी हरविंदर सिंह, चास नगर निगम के प्रेक्षक श्याम नारायण राम, फुसरो नगर परिषद के प्रेक्षक मो. सादात अनवर समेत कई वरीय अधिकारी मौजूद थे। सभी सेक्टर पदाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी को चुनाव की पूरी जिम्मेदारी बारीकी से समझाई गई।
तय रूट से ही जाएंगे मतदान दल, सीधे वज्रगृह लौटेंगे
डीसी ने दो टूक कहा कि मतदान कर्मी जिस रूट चार्ट के अनुसार भेजे जाएंगे, उसी रास्ते से जाएंगे। बीच में कोई बदलाव नहीं होगा। मतदान खत्म होने के बाद सभी दल सीधे बाजार समिति चास स्थित वज्रगृह पहुंचेंगे। प्रशासन ने साफ कर दिया कि अगर कोई रूट का उल्लंघन करता है तो उसे गंभीर अनुशासनहीनता माना जाएगा। मतलब, इस मामले में कोई ढिलाई नहीं चलेगी।
सेक्टर पदाधिकारी की जिम्मेदारी सबसे अहम
डीसी ने कहा कि चुनाव की असली कमान सेक्टर पदाधिकारियों के हाथ में रहती है। उन्हें अपने अधीन सभी बूथों का पहले से निरीक्षण करना होगा। मतदान के दिन लगातार क्षेत्र में घूमते रहना होगा और हर बूथ की स्थिति पर नजर रखनी होगी।
उनकी जिम्मेदारियों में शामिल है:
- मतदान शुरू होने से पहले सारी व्यवस्था की जांच
- संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों पर खास नजर
- मतदान कर्मियों को समय पर मार्गदर्शन
- किसी भी विवाद या शिकायत पर तुरंत कार्रवाई
- मतदान के बाद मतपेटियों को सुरक्षित वज्रगृह तक पहुंचाना
डिस्पैच के दिन सेक्टर पदाधिकारी अपने-अपने मतदान दल के साथ पार्टी मिलान करेंगे। अतिरिक्त बैलेट पेपर और मतपेटी से जुड़ी सामग्री कोषांग से लेकर उसका मिलान भी करेंगे।
मतपेटी की सीलिंग में गलती नहीं होनी चाहिए
बैठक में खास जोर इस बात पर दिया गया कि पीठासीन पदाधिकारी मतपेटियों की सीलिंग सही तरीके से करें। प्रपत्र 28, 29, 18 समेत सभी जरूरी दस्तावेज पूरी और साफ जानकारी के साथ भरें। डीसी ने साफ कहा कि छोटी सी लापरवाही भी बाद में बड़ी परेशानी खड़ी कर सकती है। इसलिए हर कागज और हर सील पर पूरी सावधानी जरूरी है। अधिकारियों को बैलेट बॉक्स सीलिंग की हैंड्स ऑन ट्रेनिंग भी दी गई। सील लगाने से लेकर टैगिंग और हस्ताक्षर तक की पूरी प्रक्रिया प्रैक्टिकल तरीके से समझाई गई।
सुरक्षा व्यवस्था पर एसपी का प्लान
एसपी ने बताया कि सभी सेक्टर पदाधिकारियों के वाहन जीपीएस से लैस रहेंगे। उनकी मूवमेंट पर रियल टाइम नजर रखी जाएगी। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल रहेगा। क्यूआरटी टीम भी तैनात रहेगी ताकि किसी भी अचानक स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। सेक्टर और पुलिस पदाधिकारियों को जिला नियंत्रण कक्ष से लगातार संपर्क में रहने का निर्देश दिया गया है।
प्रेक्षकों ने क्या कहा
चास और फुसरो के प्रेक्षकों ने भी साफ कहा कि पारदर्शिता और सतर्कता ही चुनाव की असली ताकत है। शिकायतों का तुरंत समाधान हो, संचार व्यवस्था मजबूत रहे और संवेदनशील बूथों पर खास नजर रखी जाए।
मतदान से पहले, दौरान और बाद की जिम्मेदारी
जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी ने क्रमवार बताया कि किसे क्या करना है।
- मतदान से पहले : बूथ का भौतिक सत्यापन, जरूरी संसाधनों की उपलब्धता और मतदान कर्मियों से समन्वय।
- मतदान के दिन : समय पर मतदान शुरू कराना, कानून व्यवस्था बनाए रखना और मतदान प्रतिशत की रिपोर्ट देना।
- मतदान के बाद : मतपेटियों की सुरक्षित सीलिंग, सभी प्रपत्रों की जांच और उन्हें सुरक्षित वज्रगृह में जमा कराना।
साफ संदेश: शांतिपूर्ण और भयमुक्त मतदान
बैठक के अंत में डीसी ने सभी अधिकारियों से कहा कि वे पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी से काम करें। प्रशासन की प्राथमिकता साफ है, चुनाव शांतिपूर्ण हो, निष्पक्ष हो और मतदाता बिना किसी डर के अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें। चुनाव की तैयारी अब आखिरी चरण में है। प्रशासन ने संकेत दे दिया है कि इस बार कोई ढिलाई नहीं होगी।
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