Ranchi : सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) ने 77वां गणतंत्र दिवस महात्मा गांधी क्रीड़ांगण, CCL गांधीनगर में पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाया। इस अवसर पर CCL के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) निलेंदु कुमार सिंह ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं।
समारोह के दौरान सीएमडी ने CCL सुरक्षा कर्मियों, सीआईएसएफ जवानों, आर्मी बैंड तथा डीएवी गांधीनगर स्कूल के विद्यार्थियों की परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। कार्यक्रम में निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र, निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्र शेखर तिवारी, निदेशक (योजना एवं परियोजना) अनुप हंजुरा, सीवीओ पंकज कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, श्रमिक प्रतिनिधि, CCL कर्मी और उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में अर्पिता महिला मंडल की अध्यक्षा प्रीति सिंह एवं अन्य सदस्य भी शामिल हुईं। कार्यक्रम की शुरुआत शांति और प्रगति के प्रतीक रंग-बिरंगे गुब्बारों को आकाश में उड़ाकर की गई।
अपने संबोधन में सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह ने संविधान निर्माताओं को नमन करते हुए कहा कि CCL देश की ऊर्जा सुरक्षा का एक मजबूत स्तंभ है। उन्होंने कहा कि कोयला केवल ईंधन नहीं, बल्कि भारत के औद्योगिक विकास की आधारशिला है। वर्ष 2025-26 में CCL ने कोयला उत्पादन और प्रेषण में उल्लेखनीय सुधार किया है, जो कर्मचारियों और श्रमिकों के समर्पण का परिणाम है।
उन्होंने बताया कि नई खदानों के विकास और बंद खदानों के पुनरुद्धार की दिशा में CCL ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। कोत्रे-बसंतपुर-पचमो ओपन कास्ट परियोजना में नवंबर 2025 से उत्पादन शुरू हो चुका है, जबकि 15 मिलियन टन क्षमता वाली चंद्रगुप्त ओपन कास्ट परियोजना सभी वैधानिक स्वीकृतियां प्राप्त कर उत्पादन के लिए तैयार है। इसके अलावा पिपरवार फेज-1 अंडरग्राउंड परियोजना में इन्क्लाइन ड्राइवेज का कार्य आरंभ हो चुका है और राजहरा ओपन कास्ट परियोजना में इसी माह से कोयला उत्पादन शुरू किया गया है।
पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास पर जोर देते हुए सीएमडी ने कहा कि CCL सस्टेनेबल माइनिंग की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। अब तक 5,720 हेक्टेयर भूमि पर लगभग 1.10 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए फॉग कैनन, मोबाइल वाटर टैंकर और विंड बैरियर लगाए गए हैं। नेट-जीरो लक्ष्य के तहत CCL 425 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। पिपरवार का 20 मेगावाट सोलर प्लांट प्रतिमाह करीब 28 लाख यूनिट बिजली उत्पादन कर रहा है, जिससे लगभग 1.10 करोड़ रुपये की मासिक बचत हो रही है।
सीएसआर गतिविधियों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में दिसंबर तक CCL द्वारा 50 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सामाजिक विकास कार्यों पर खर्च की जा चुकी है। “नन्हा सा दिल” परियोजना के तहत 28 हजार से अधिक बच्चों की जांच की गई है और 75 बच्चों की हार्ट सर्जरी कराई गई है। शिक्षा, आजीविका और खेल के क्षेत्र में भी CCL के प्रयासों से हजारों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र ने CCL मुख्यालय दरभंगा हाउस और गांधीनगर केंद्रीय अस्पताल में भी ध्वजारोहण किया। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस हमारे संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है और CCL उद्योग के साथ-साथ सामाजिक उत्थान में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
समारोह के दौरान डीएवी गांधीनगर, ज्ञानोदय स्कूल और केंद्रीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। परेड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों और CCL के सुरक्षा गार्डों को सीएमडी एवं निदेशक मंडल द्वारा सम्मानित किया गया।
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