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    Home»जोहार ब्रेकिंग»मरने से पूर्व प्रशांत बोस ने मिसिर बेसरा को लिखा था पत्र, कहा था- अब हथियारबंद संघर्ष आगे बढ़ाना मुश्किल
    जोहार ब्रेकिंग

    मरने से पूर्व प्रशांत बोस ने मिसिर बेसरा को लिखा था पत्र, कहा था- अब हथियारबंद संघर्ष आगे बढ़ाना मुश्किल

    joharlive NetworkBy joharlive NetworkApril 11, 2026No Comments4 Mins Read2
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    Ranchi : झारखंड में माओवादी संगठन से जुड़ी एक अहम जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि माओवादी नेता प्रशांत बोस ने अपनी मौत से कुछ दिन पहले एक पत्र लिखकर संगठन की मौजूदा हालत पर चिंता जताई थी। यह पत्र माओवादी कमांडर मिसिर बेसरा के नाम लिखा गया था। पत्र में प्रशांत बोस ने साफ तौर पर कहा है कि देश में हालात काफी जटिल हो चुके हैं और ऐसे माहौल में हथियारबंद संघर्ष को लगातार आगे बढ़ाना लगभग असंभव लग रहा है। दावा किया गया है कि यह पत्र 20 मार्च 2026 की तारीख को लिखा गया था।। पत्र के अंत में हस्ताक्षर किसन दा के नाम से किया गया है। अब यह पत्र सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। हालांकि इस पत्र को लेकर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

    पत्र की शुरुआत लाल सलाम से

    पत्र की शुरुआत “Dear Comrade Sagar” और “आपको लाल सलाम” लिखकर की गई है। इसके बाद प्रशांत बोस ने लिखा है कि उन्हें उम्मीद है कि मिसिर बेसरा कठिन हालात में दिन गुजार रहे होंगे। उन्होंने यह भी लिखा कि मौजूदा घरेलू स्थिति बहुत गंभीर है और इस वजह से सशस्त्र क्रांति को आगे बढ़ाना मुश्किल हो गया है।

    CRB और ERB इलाकों में नुकसान का जिक्र

    पत्र में प्रशांत बोस ने लिखा है कि CRB और ERB जैसे इलाकों में पार्टी को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने यह माना है कि संगठन को लगातार झटके लग रहे हैं और नुकसान की जानकारी मिसिर बेसरा को भी है। प्रशांत बोस ने कहा कि ऐसे समय में यह सोचना जरूरी हो गया है कि हथियारबंद संघर्ष को सही मायने में आगे बढ़ाना अब संभव है या नहीं।

    रणनीति बदलने पर गंभीर सोच की सलाह

    प्रशांत बोस ने पत्र में सुझाव दिया है कि संगठन को अब इस मुद्दे पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है। उन्होंने मिसिर बेसरा से कहा है कि अगर समय रहते फैसला लिया जाए तो आगे रास्ता निकाला जा सकता है। उन्होंने चेताया कि अगर इस मामले में बेवजह देर की गई तो नुकसान और ज्यादा बढ़ सकता है।

    कहा, विरोधी पक्ष निर्णायक कार्रवाई नहीं करेगा

    पत्र का एक अहम हिस्सा यह भी है कि प्रशांत बोस ने लिखा है कि अगर संगठन कोई कदम उठाता है तो विरोधी पक्ष की तरफ से कोई निर्णायक कार्रवाई नहीं की जाएगी। यह बात कई लोगों को चौंकाने वाली लग रही है, क्योंकि आमतौर पर माओवादी संगठन ऐसे मामलों में खुलकर बात नहीं करता।

    फोन नंबर का भी जिक्र

    पत्र में प्रशांत बोस ने एक फोन नंबर देने की बात भी लिखी है। उन्होंने कहा कि अगर मिसिर बेसरा को कुछ कहना हो या कोई बात करनी हो तो उस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।

    गोपनीयता रखने की अपील

    पत्र में प्रशांत बोस ने खास तौर पर यह भी लिखा है कि इस पूरे विषय को गुप्त रखा जाए। उन्होंने मिसिर बेसरा से जल्द प्रतिक्रिया देने को कहा है और यह भी लिखा है कि गतिविधियों को सोच-समझकर चलाना जरूरी है।

    संगठन के अंदर टूट की आशंका

    इस पत्र के सामने आने के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि माओवादी संगठन के अंदर हालात ठीक नहीं हैं। जानकारों का मानना है कि लगातार सुरक्षा बलों की कार्रवाई और संगठन को हो रहे नुकसान की वजह से माओवादी नेतृत्व के भीतर बेचैनी बढ़ गई थी। कुछ लोगों का कहना है कि प्रशांत बोस शायद यह संकेत देना चाहते थे कि अब संगठन को हथियारबंद रास्ता छोड़कर किसी दूसरे रास्ते पर विचार करना चाहिए।

    पुलिस और एजेंसियां भी सतर्क

    सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियां इस पत्र को संगठन की अंदरूनी स्थिति समझने के लिए महत्वपूर्ण मान रही हैं। माना जा रहा है कि पत्र से यह साफ होता है कि माओवादी नेतृत्व के कुछ लोग खुद भी अब संघर्ष को आगे बढ़ाने में असमर्थ महसूस कर रहे थे।

    प्रशांत बोस का संगठन में असर

    प्रशांत बोस को माओवादी संगठन में एक बड़े और पुराने नेता के रूप में देखा जाता था। उनकी बातों का संगठन के अंदर असर माना जाता था। ऐसे में उनके द्वारा लिखा गया यह पत्र कई संकेत दे रहा है।

    Also Read : गिरिडीह में ACB का बड़ा ट्रैप : मनरेगा JE अंकुश कुमार 5000 रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

    Before his death Prashant Bose wrote a letter to Misir Besra stating: "It is now difficult to carry forward the armed struggle." कहा था- अब हथियारबंद संघर्ष आगे बढ़ाना मुश्किल मरने से पूर्व प्रशांत बोस ने मिसिर बेसरा को लिखा था पत्र
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