Jamtara (Rajiv Jha) : झारखंड में ‘समान काम के बदले समान वेतन’ की मांग को लेकर सहायक अध्यापकों का आंदोलन तेज हो गया है। झारखंड राज्य आकलन प्रशिक्षण सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले महागठबंधन के मंत्रियों और विधायकों के आवास के बाहर धरना-प्रदर्शन किया गया। इसी कड़ी में जामताड़ा विधायक सह स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के आवास के बाहर बड़ी संख्या में शिक्षक जुटे और जोरदार प्रदर्शन किया।
मंत्री या प्रतिनिधि नहीं पहुंचे
प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का कहना था कि धरना की सूचना पहले ही दे दी गई थी, इसके बावजूद न तो मंत्री खुद मिलने आए और न ही उनका कोई प्रतिनिधि बातचीत के लिए पहुंचा। सुबह 7 बजे से दोपहर तक शिक्षक धूप में डटे रहे। प्रदर्शन के दौरान तेज गर्मी की वजह से एक सहायक शिक्षक की तबीयत बिगड़ गई, जिसे मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद भी प्रदर्शन जारी रहा।
पुराने समझौते का हवाला
संघर्ष मोर्चा के जिला अध्यक्ष शब्बीर अंसारी, प्रखंड अध्यक्ष मो. शमीम, सदस्य जया चक्रवर्ती, रीना चक्रवर्ती समेत अन्य शिक्षकों ने कहा कि 24 अगस्त 2024 को सरकार के साथ लिखित समझौता हुआ था। इसमें आकलन को TET के समकक्ष मान्यता देने की बात कही गई थी, लेकिन 16 महीने बाद भी इसे लागू नहीं किया गया।
चुनावी वादे पूरे नहीं होने का आरोप
शिक्षकों ने यह भी कहा कि विधानसभा चुनाव के समय वादा किया गया था कि महागठबंधन सरकार बनने के तीन महीने के भीतर पारा शिक्षकों का स्थायीकरण किया जाएगा और समान काम का समान वेतन दिया जाएगा। लेकिन कई साल बीत जाने के बाद भी यह वादा पूरा नहीं हुआ। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि अगर उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने सरकार से जल्द सकारात्मक पहल करने की मांग की।
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