New Delhi : ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में हालात काफी तनावपूर्ण हो गए हैं। इसका सीधा असर हवाई सेवाओं पर पड़ा है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने भारतीय एयरलाइंस कंपनियों को 11 देशों के उड़ान भरने से फिलहाल बचने की सलाह दी है। यह एडवाइजरी 2 मार्च 2026 तक लागू रहेगी या फिर हालात की नई समीक्षा तक जारी रहेगी। डीजीसीए ने साफ कहा है कि यह फैसला अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों और यूरोपीय एविएशन सेफ्टी एजेंसी (EASA) के कॉन्फ्लिक्ट जोन बुलेटिन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
किन-किन देशों के एयरस्पेस से बचने की सलाह
डीजीसीए ने जिन 11 देशों के ऊपर से उड़ान न भरने की सलाह दी है, उनमें ईरान, इजरायल, लेबनान, यूएई, सऊदी अरब, बहरीन, ओमान, इराक, जॉर्डन, कुवैत और कतर शामिल हैं। इन इलाकों में हालात अनिश्चित बने हुए हैं, इसलिए एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है।
एयरलाइंस ने रद्द की उड़ानें
स्थिति को देखते हुए एअर इंडिया, इंडिगो, एअर इंडिया एक्सप्रेस, आकासा एयर और स्पाइसजेट ने मिडिल ईस्ट के लिए अपनी कई उड़ानें रद्द या अस्थायी रूप से निलंबित कर दी हैं। एयरस्पेस के अचानक बंद होने से सैकड़ों उड़ानों पर असर पड़ा है। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट्स के मुताबिक कई विमान अलग-अलग एयरस्पेस में मंडराते दिखे और कुछ उड़ानों को बीच रास्ते से ही डायवर्ट करना पड़ा। एअर इंडिया की दिल्ली से तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट को बीच रास्ते से मुंबई वापस लौटना पड़ा।
एयरपोर्ट्स पर भी असर
मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार शाम 5:45 बजे तक कुल 57 उड़ानें रद्द की गईं, जिनमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों शामिल हैं। अमृतसर इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने भी यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है और उन्हें फ्लाइट स्टेटस चेक करते रहने की सलाह दी है।
हाई लेवल बैठक और सुरक्षा पर जोर
स्थिति की समीक्षा के लिए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने एयरलाइंस, एयरपोर्ट ऑपरेटर्स और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और रियल-टाइम कोऑर्डिनेशन मजबूत करने पर जोर दिया गया। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइंस को निर्देश दिए हैं कि जरूरत पड़ने पर उड़ानों को रीरूट या डायवर्ट करने में वैश्विक सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाए।
यात्रियों के लिए राहत
एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया और निजी एयरपोर्ट ऑपरेटर्स को अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी अनिर्धारित लैंडिंग या डायवर्जन की स्थिति में व्यवस्था संभाली जा सके। प्रभावित यात्रियों के लिए एयरलाइंस ने रीशेड्यूलिंग और कैंसिलेशन चार्ज में छूट देने की घोषणा की है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यह भी कहा है कि वह विदेश मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क में है, ताकि विदेशों में मौजूद भारतीय नागरिकों और भारतीय एयरलाइंस से जुड़े किसी भी आपात हालात में तुरंत समन्वय किया जा सके।
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