Hazaribagh : हजारीबाग में एक दलित महिला ने पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि उसे उसके छोटे बच्चे के साथ थाने में करीब 38 घंटे तक रखा गया और इस दौरान मानसिक व शारीरिक रूप से घुमाया गया। महिला का आरोप है कि बिना किसी ठोस वजह के उसे थाने में रोका गया। इस दौरान उसे बदसलूकी की गई और लगातार दबाव बनाया गया। इस घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच डर और गुस्सा दोनों देखने को मिल रहा है।
सांसद मनीष जायसवाल ने लिया संज्ञान
मामला सामने आते ही हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल ने तुरंत कदम उठाया। उन्होंने DIG से मुलाकात कर पूरे मामले की जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। सांसद ने साफ कहा कि अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएं पुलिस पर लोगों के भरोसे को कमजोर करती हैं।
इलाके में बढ़ा आक्रोश
घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी साफ दिख रही है। लोगों का कहना है कि अगर थाने में ही इस तरह की घटनाएं होंगी, तो आम आदमी खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेगा। सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। सभी की नजर अब इस बात पर टिकी है कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और पीड़िता को कब तक न्याय मिलता है। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जांच में क्या सच सामने आता है और क्या दोषियों पर वाकई सख्त कार्रवाई होती है या नहीं।