Hazaribagh : हजारीबाग के बड़कागांव प्रखंड के छावनिया पुल के नीचे हाल ही में एक छात्र अचेत अवस्था में पाया गया। इस घटना से आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। तुरंत सूचना मिलने पर अदाणी फाउंडेशन की इमरजेंसी एंबुलेंस मौके पर पहुंची। प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे को बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग रेफर किया गया। समय पर की गई यह कार्रवाई छात्र की जान बचाने में निर्णायक साबित हुई।
अदाणी फाउंडेशन की ओर से गोंदुलपारा खनन परियोजना के तहत बड़कागांव प्रखंड में पिछले चार वर्षों से निःशुल्क एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। यह सेवा क्षेत्र के सुदूर गांवों के लिए जीवनरेखा का काम करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आपात स्थिति में समय पर अस्पताल पहुंचना हमेशा बड़ी चुनौती होती है, लेकिन इस पहल से यह समस्या काफी हद तक कम हुई है।
आंकड़ों के अनुसार, पिछले चार वर्षों में इस एंबुलेंस सेवा के माध्यम से कुल 387 आपातकालीन मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा दी गई। इनमें पिछले तीन महीनों में 25 मरीजों को हजारीबाग और 3 मरीजों को रांची रेफर किया गया। इन मामलों में सांप काटने, छत से गिरने, बिजली का करंट लगने, पेड़ से गिरने, प्रसव और अन्य गंभीर आपात स्थितियां शामिल हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह निःशुल्क एंबुलेंस सेवा खासकर गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए वरदान साबित हुई है। समय पर अस्पताल पहुंचने से न केवल जान बची, बल्कि इलाज का खर्च और मानसिक तनाव भी कम हुआ।
अदाणी फाउंडेशन गोंदुलपारा खनन परियोजना क्षेत्र में स्वास्थ्य के साथ-साथ शिक्षा, कौशल विकास, पेयजल, स्वच्छता और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में भी काम कर रही है। स्कूलों के सहयोग, युवाओं के प्रशिक्षण, स्वास्थ्य शिविरों और बुनियादी सुविधाओं के विकास के माध्यम से फाउंडेशन ग्रामीण जीवन स्तर सुधारने में योगदान दे रही है।
बड़कागांव प्रखंड में अदाणी फाउंडेशन की यह निःशुल्क एंबुलेंस सेवा अब केवल एक वाहन नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में लोगों के लिए जीवनरक्षक बन चुकी है। यह कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व की एक सशक्त और मानवीय मिसाल पेश करती है।
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