CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके का कहना है कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल कर रहे हैं. उन पर आरोप है कि खुद को बचाने के लिए उन्होंने आंदोलन की अगुवाई की जिम्मेदारी आशुतोष रांका और सौरव दास पर डाल दी.
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके ने दावा किया कि आंदोलन को आगे बढ़ाने में सबसे बड़ी भूमिका को-कन्वीनर आशुतोष रांका और सौरव दास की रही है. उनके मुताबिक, बाहर से भले ही उन्हें मूवमेंट का चेहरा या लीडर समझा जाता हो, लेकिन असल में वे आशुतोष और सौरव के निर्देशों पर चलते थे. इस बयान के बाद सवाल उठने लगे कि क्या अभिजीत ने खुद को बचाने के लिए जिम्मेदारी इन दोनों पर सरका दी? अब अभिजीत ने इन आरोपों का जवाब दिया है. फिलहाल आशुतोष और सौरव जेल में हैं.
मामला 20 अक्टूबर को अभिजीत के 16 मिनट 24 सेकेंड के भावुक वीडियो से गरमाया. उस वीडियो में उन्होंने कहा कि वे CJP मूवमेंट के असली लीडर नहीं थे. यही आंदोलन जुलाई 2026 में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की वजह बना था. ऐसे में सवाल उठा कि अगर अभिजीत लीडर नहीं थे, तो फिर आंदोलन को कौन चला रहा था?

Saurav and Ashu are not just better leaders than me but also better people. When I say this, I am not throwing them under the bus but rather taking pride in the fact that I have better people by my side. https://t.co/j6UXSvgoH9
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) October 20, 2026
वीडियो में अभिजीत ने क्या कहा?
इस सवाल का जवाब खुद अभिजीत ने दिया. उन्होंने कहा कि आंदोलन को आगे बढ़ाने और सफल बनाने में आशुतोष रांका और सौरव दास की भूमिका सबसे बड़ी रही. अभिजीत के शब्दों में,
“बाहर लगता होगा कि मैं लीडर था. मैं लीडर नहीं था. आशु (आशुतोष रांका) और सौरव (सौरव दास) थे, जो मुझे बोलते थे कि कल तुम्हें यहां जाना है, कल तुम्हें ये करना है, वो करना है. और मैं बस चुपचाप हां बोलता था कि ठीक है, मैं कर लेता हूं.”
‘खुद को बचाने’ के आरोपों पर अभिजीत का जवाब
इसी वीडियो में अभिजीत ने आशुतोष और सौरव को अपना भाई बताया था. इसके बाद उन्होंने एक और वीडियो जारी किया, जिसमें कहा कि कुछ लोग उन्हें ट्रोल कर रहे हैं और यह आरोप लगा रहे हैं कि उन्होंने अपना बचाव करने के लिए आंदोलन की जिम्मेदारी इन दोनों के सिर डाल दी.
Message to all cockroaches https://t.co/9e5yI9Nst0
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) October 20, 2026
सफाई देते हुए अभिजीत ने कहा कि वे तानाशाही सोच वाले इंसान नहीं हैं, जो सिर्फ अपनी बात को ही सही मानें. अगर कोई उनसे बेहतर है, तो उसे स्वीकार करने में उन्हें कोई झिझक नहीं है. उनके अनुसार, सौरव और आशुतोष उनसे बेहतर लीडर ही नहीं, बल्कि बेहतर इंसान भी हैं. अभिजीत ने कहा,
“अगर कोई मुझसे बेहतर है, तो मुझे ये कबूल करने में जरा भी संकोच नहीं है कि वो इंसान मुझसे बेहतर है. वो मुझसे बेहतर सोच सकता है, मुझसे बेहतर समझ सकता है, मुझसे बेहतर फैसले ले सकता है. इस मामले में मुझे ये कहने में कोई शर्म नहीं है कि सौरव और आशु (आशुतोष रांका) मुझसे बहुत बेहतर लीडर हैं. और केवल लीडर ही नहीं, मुझसे बेहतर इंसान भी हैं… मुझे गर्व है कि मेरे दो भाई बहुत स्मार्ट, बहुत इंटेलिजेंट और बहुत मजबूत हैं.. हम एक परिवार की तरह हैं. हम डिस्कस करते हैं. जिसका आइडिया-सजेशन बेस्ट होता है, उस पर काम करते हैं… आप हमें बांट नहीं सकते.”
आशुतोष रांका और सौरव दास जेल में क्यों हैं?
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, 20 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने आशुतोष रांका और सौरव दास के खिलाफ दर्ज एक मामला क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया. इस तरह दोनों नेताओं से जुड़े दो मामलों की जांच अब क्राइम ब्रांच के पास है.
दिल्ली पुलिस का कहना है कि 13 अक्टूबर की सुबह CJP के सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे 11 अन्य लोगों के साथ जबरन जंतर-मंतर पहुंच गए. यह जगह प्रदर्शन के लिए तय स्थलों की सूची से हटाई जा चुकी थी. आरोप है कि वहां उन्होंने तिरंगा फहराया और नारेबाजी की, और सुरक्षाकर्मियों के रोकने पर भी नहीं रुके, जिससे पुलिस के काम में बाधा पड़ी. इसके बाद कुल 14 लोगों को हिरासत में लिया गया.
सौरव और आशुतोष को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां उन्हें 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. 19 अक्टूबर को यह हिरासत दो दिन और बढ़ा दी गई. अब दोनों को 21 अक्टूबर को दोबारा मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा.
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