Ranchi : राजधानी के रिंग रोड स्थित पारचुटू क्षेत्र के मंडाटांड़ (रोड नं. 2) में बने नवनिर्मित श्री शिव शक्ति मंदिर में शनिवार, 7 मार्च 2026 से भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। इस दिन भगवान शिव और माता शक्ति की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा एवं महारुद्र यज्ञ का भव्य शुभारंभ बड़े ही हर्षोल्लास के साथ हुआ। मंदिर परिसर फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है, जो देखते ही देवलोक का अनुभव करा रहा है। पूरे क्षेत्र में हर-हर महादेव और जय माता दी के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया।
पंचदिवसीय अनुष्ठान में श्रद्धालुओं की उपस्थिति
यज्ञाचार्य पंडित कृष्णकांत तिवारी के कुशल निर्देशन में आयोजित इस पंचदिवसीय महोत्सव में न केवल स्थानीय ग्रामीण बल्कि दूर-दराज से आए श्रद्धालु भी शामिल हो रहे हैं। महोत्सव के पहले दिन, 7 मार्च को भव्य कलश शोभा यात्रा निकाली गई। इसमें सैकड़ों माताएं-बहनें पारंपरिक परिधान और पीला वस्त्र पहनकर सिर पर कलश उठाए शामिल हुईं। दोपहर में भगवान को भोग अर्पित कर प्रसाद वितरण किया गया।
दूसरे दिन का कार्यक्रम: वेदी और मंडप पूजन
आयोजन के दूसरे दिन (8 मार्च) का शुभारंभ प्रातः 7 बजे वेदी पूजन और मंडप पूजन के साथ होगा। इस दिन सभी मूर्तियों का विधि-विधान से अधिवास कराया जाएगा। दोपहर में महाप्रसाद (भोग) भक्तों में वितरित किया जाएगा।
महोत्सव का मुख्य दिन: मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा
सोमवार (9 मार्च) महोत्सव का सबसे महत्वपूर्ण दिन है। सुबह 9:00 बजे से 10:30 बजे के शुभ मुहूर्त में मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रतिमाओं में प्राणों का संचार होगा। शाम 4:00 बजे से विशेष हनुमान आराधना का आयोजन होगा, जिसमें सुंदरकांड पाठ की भी महत्ता रहेगी।
महारुद्राभिषेक और विशाल हवन
10 मार्च को प्रातः 9 बजे से महारुद्राभिषेक और विशाल हवन संपन्न होगा। इस अवसर पर विश्व शांति और जनकल्याण की कामना की जाएगी। इस दिन का आकर्षण होगा महाभोग, जिसे मंदिर समिति के अनुसार भक्तों तक लगातार वितरित किया जाएगा।
अंतिम दिन: भजन-कीर्तन और जागरण
महोत्सव का अंतिम दिन, 11 मार्च, भक्ति का चरम दिन होगा। शाम 7 बजे से भव्य भजन-कीर्तन और जागरण का आयोजन होगा। इसमें विख्यात भजन गायकों द्वारा प्रभु महिमा का गुणगान किया जाएगा। यह कार्यक्रम पूरी रात चलेगा और श्रद्धालु प्रभु की भक्ति में झूमते-गाएंगे।
यज्ञाचार्य का संदेश
पंडित कृष्णकांत तिवारी ने बताया कि ऐसे धार्मिक अनुष्ठान से वातावरण शुद्ध होता है और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मंदिर परिवार ने क्षेत्र के समस्त सनातनी धर्मावलंबियों से अपील की है कि वे इस पावन अवसर पर सपरिवार उपस्थित होकर पुण्य के भागी बनें।
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