Jamtara : जामताड़ा जिले के पाकडीह सर्खेलडीह स्थित मदरसा निज़ामिया ग़रीब नवाज़ में आगामी 14 फरवरी को एक भव्य और रूहानी कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम नमाज़-ए-इशा के बाद शुरू होगा। इसमें ‘जश्ने मलूदे काबा’ और ‘जियारते हरमेन शरीफेन कांफ्रेंस’ का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर देश के अलग-अलग हिस्सों से प्रतिष्ठित उलेमा-ए-किराम, सूफी संत, नातख्वां और इस्लामी विद्वान शामिल होंगे। कार्यक्रम में पीरे तरीकत सैय्यद शाह मुहम्मद मसरूर राज़ी शहबाजी साहब क़िब्ला और पीरे तरीकत सैय्यद शाह अलहाज मुहम्मद मख्मूर जामी शहबाजी साहब (खानकाह ए आलिया शाहबाजिया, मौलानाचक, भागलपुर) की विशेष उपस्थिति रहेगी।
इसके अलावा पीरे तरीकत सैय्यद ज़ुल्करनैन बुखारी साहब (खानकाह ए बुखारिया, हज़रतपुर, बंगाल) और सैय्यद शाह मुहम्मद शाह नूर आताई शहबाजी साहब क़िब्ला (खानकाह ए शाहबाजिया) भी कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। कायदे अहले सुन्नत हज़रत अल्लामा मौलाना गुलाम रसूल बलयाबी साहब क़िब्ला (इदार-ए-शरिया, पटना) सहित कई अन्य इस्लामी विद्वान अपने विचार रखेंगे। कार्यक्रम में नातिया कलाम के जरिए रूहानी माहौल बनाया जाएगा। हज़रत मौलाना अलहाज हबीबुल्ला फैजी साहब, नसीम शहर गयाबीह, जाकिर हुसैन ज़ाकिर सहस्रमी, हबीबुल्ला नूरी, सावन मधुपुरी, मुजाहिद राजा मजहरी और शहबाज राजा भागलपुरी नात पेश करेंगे।
यह आयोजन मौलाना अख्तर राजा सकाफी इमाम, पाकडीह सर्खेलडीह जामा मस्जिद, की सरपरस्ती में हो रहा है। कार्यक्रम के आयोजक मौलाना मजहरुल क़ादरी, डायरेक्टर जिया इंटरनेशनल हज उमरा ट्रैवल्स ऑफिस, जामताड़ा पाकडीह, ने बताया कि इस सम्मेलन का उद्देश्य ईमान और अमन का संदेश देना, हरमेन शरीफेन की जियारत की अहमियत बताना और समाज में भाईचारे को मजबूत करना है। आयोजकों ने सभी अकीदतमंदों और क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस रूहानी कार्यक्रम को सफल बनाएं। कार्यक्रम को लेकर पूरे इलाके में उत्साह का माहौल है।
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