Jamshedpur : डीसी कर्ण सत्यार्थी के निर्देश पर बुधवार को डीसी कार्यालय में राजस्व संग्रहण, भू-अर्जन, नीलाम पत्र और टाटा लीज भूमि अतिक्रमण से संबंधित मामलों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर उपायुक्त भगीरथ प्रसाद ने की। बैठक में विभिन्न विभागों की राजस्व वसूली की प्रगति की समीक्षा की गई, जिसमें कई विभागों के लक्ष्य से पीछे रहने की बात सामने आई।
समीक्षा के दौरान यह जानकारी मिली कि मोटरयान निरीक्षक स्तर पर अब तक केवल 28 प्रतिशत राजस्व की ही वसूली हो पाई है। इस पर अपर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी और राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों से कहा कि कोई भी विभाग अपने वार्षिक लक्ष्य से पीछे न रहे और आंतरिक संसाधनों के बेहतर उपयोग के माध्यम से राजस्व बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे।
राज्य कर विभाग के अर्बन, जमशेदपुर और सिंहभूम सर्किल की समीक्षा में यह सामने आया कि अब तक औसतन 50 प्रतिशत राजस्व की ही वसूली हुई है। अपर उपायुक्त ने करदाताओं के ऑडिट, फील्ड निरीक्षण, बकायेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और डेटा एनालिटिक्स के प्रभावी इस्तेमाल पर जोर दिया। रजिस्ट्री कार्यालयों की समीक्षा में जमशेदपुर सब-रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा लगभग 60 प्रतिशत जबकि घाटशिला कार्यालय द्वारा शत-प्रतिशत राजस्व संग्रहण की जानकारी दी गई। इस दौरान सरकारी भूमि की रजिस्ट्री में किसी भी तरह की अनियमितता नहीं होने देने के स्पष्ट निर्देश दिए गए।
परिवहन विभाग ने अब तक लगभग 79 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है, हालांकि एमवीआई स्तर पर वसूली काफी कम पाई गई। नगर निकायों में जेएनएसी, मानगो नगर निगम तथा जुगसलाई और चाकुलिया नगर परिषदों ने लगभग 60 प्रतिशत राजस्व जमा किया है। वहीं बिजली विभाग के तीनों प्रमंडलों ने औसतन 90 प्रतिशत से अधिक राजस्व वसूली की है। नवंबर माह में बिजली, परिवहन, कृषि और उत्पाद विभागों द्वारा अपने लक्ष्य से अधिक राजस्व वसूली की जानकारी भी दी गई।
नीलाम पत्र से जुड़े मामलों की समीक्षा के दौरान अपर उपायुक्त ने लंबित प्रकरणों में नोटिस जारी करने, कुर्की, वारंट और नीलामी जैसी कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया, ताकि बकाया राजस्व की प्रभावी वसूली सुनिश्चित हो सके। भू-अर्जन की समीक्षा में राष्ट्रीय और राजकीय राजमार्ग परियोजनाओं के तहत अर्जित भूमि और रैयतों को मुआवजा भुगतान की स्थिति पर चर्चा की गई। इसके साथ ही ड्रेन और यूटिलिटी शिफ्टिंग, वनभूमि के एनओसी, अंचलाधिकारी स्तर से सत्यापन प्रतिवेदन और संयुक्त भौतिक निरीक्षण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में टाटा लीज भूमि पर अतिक्रमण की वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा की गई।


