Sahibganj : साहिबगंज के राजमहल जेल में हत्या के आरोप में बंद एक कैदी ने बुधवार को खुद को मिटाने की कोशिश की। उसने फंदे पर लटक कर जान देने का प्रयास किया। हालांकि, उसी वक्त साथी कैदियों की नजर उसपर पड़ी और उनलोगों ने उसे फंदे से नीचे उतार लिया। इस वारदार की फैली खबर के बाद जेल में तहलका मच गया। जेल प्रशासन ने तुरंत उस कैदी को अस्पताल भेजा, जहां इलाज के दरम्यान उसकी जान चली गयी।
मृतक कैदी की शिनाख्त मंसूर शेख के तौर पर हुई है। वह राधानगर थाना क्षेत्र के चामा सत्तारटोला का रहनेवाला था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मंसूर पर 2020 में अपने ही भाई अख्तर शेख की हत्या का आरोप में पिछले पांच सालों से जेल में बंद था। यह हत्या जमीन बंटवारे और पुरानी रंजिश के कारण हुई थी। उसने धारदार हथियार से हमला कर भाई की हत्या की थी और इस घटना में अन्य लोगों को घायल करने का भी आरोप था। मामला राधानगर थाने में कांड संख्या 167/20 के तहत दर्ज है, जिसकी शिकायत मंसूर की भाभी जहांनूर बेबा ने की थी।
मामले में जेल डीएसपी विमल सोरेन ने मीडिया तो बताया कि सूचना मिलते ही कैदी को तत्काल राजमहल के सब-डिवीजनल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसे बचाया नहीं जा सका। वहीं, राजमहल सब-डिवीजनल अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. उदय टुडू ने कहा कि कैदी की हालत काफी नाजुक थी, इसलिए बेहतर इलाज के लिए उसे साहिबगंज सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। हालांकि, साहिबगंज पहुंचने के बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जेल प्रशासन ने घटना की जानकारी दी है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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