Chaibasa : बाइक चोरी कर उन्हें गांवों और जंगल से सटे इलाकों में छिपाकर बेचने की तैयारी कर रहे गिरोह का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। चाईबासा और जमशेदपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 20 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। इनकी कीमत करीब 25 से 30 लाख रुपए बताई जा रही है। मामले में दो युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
दरअसल, चाईबासा एसपी अमित रेणु को सूचना मिली थी कि नोवामुंडी इलाके में एक युवक चोरी की बाइक बेचने के लिए घूम रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और किरीबुरु एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। इसी दौरान पता चला कि जमशेदपुर के सिदगोड़ा थाना की पुलिस भी एक बाइक चोर की तलाश में इस इलाके में पहुंची हुई है। इसके बाद दोनों जिलों की पुलिस ने मिलकर संयुक्त छापेमारी शुरू की।
डुकासाई से शुरू हुई कार्रवाई, खुलता चला गया पूरा नेटवर्क
छापेमारी के दौरान पुलिस ने नोवामुंडी थाना क्षेत्र के डुकासाई गांव से सोनू लोहरा उर्फ भोला को पकड़ लिया। पहले तो उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ के बाद उसने चोरी की मोटरसाइकिलों के कई ठिकानों की जानकारी दे दी।
उसकी निशानदेही पर पुलिस ने पांच मोटरसाइकिलें बरामद कीं। इसके बाद जांच आगे बढ़ी तो गिरोह के दूसरे सदस्य राज पुरती का नाम सामने आया। राज पुरती की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने छोटानागरा थाना क्षेत्र के टोटोंगढ़ा गांव में छापेमारी की, जहां से नौ बाइक बरामद हुईं। वहीं किरीबुरु थाना क्षेत्र के टाटीबा बिरहोर टोला से छह और मोटरसाइकिलें मिलीं।
गांवों में छिपाकर रखी थीं चोरी की बाइक
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी चोरी की मोटरसाइकिलों को सुनसान और ग्रामीण इलाकों में छिपाकर रखते थे। मौका मिलने पर उन्हें कम कीमत में बेचने की तैयारी की जाती थी। बरामद सभी बाइक अलग-अलग स्थानों से चोरी की गई थीं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह के तार किन-किन जिलों से जुड़े हैं और चोरी की कितनी बाइक पहले ही बेची जा चुकी हैं।
दो आरोपी गिरफ्तार, और भी नाम आ सकते हैं सामने
पुलिस ने इस मामले में जमशेदपुर के बिरसानगर निवासी 20 वर्षीय सोनू लोहरा उर्फ भोला और पश्चिमी सिंहभूम के टोटोंगढ़ा निवासी 23 वर्षीय राज पुरती को गिरफ्तार किया है। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। एसपी का कहना है कि पूछताछ अभी जारी है। संभावना है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आएंगे। बरामद मोटरसाइकिलों के असली मालिकों की पहचान कर उन्हें वाहन लौटाने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
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